कांवड़ यात्रा को लेकर योगी सरकार अलर्ट, मेरठ मॉडल पूरे प्रदेश में लागू; मांस-मदिरा की दुकानें बंद, CCTV-ड्रोन से होगी निगरानी
लखनऊ/उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा-2026 और अन्य प्रमुख पर्वों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का महापर्व है और इसे सुरक्षित, शांतिपूर्ण तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में मेरठ जोन के सफल कांवड़ प्रबंधन मॉडल को लागू किया जाए। सभी जिलों में पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। पड़ोसी राज्यों हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान के अधिकारियों तथा कांवड़ संघों से लगातार संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ मार्गों को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाने, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छ शौचालय, सफाई व्यवस्था और विश्राम स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविरों में एंटी-वेनम, एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रखने तथा प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस एवं मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी, ओवररेटिंग या श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक खाद्य दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। साथ ही डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के भीतर ही रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से चौबीसों घंटे निगरानी करने तथा सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने या शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधारों पर भी जोर दिया। उन्होंने राजस्व एवं चकबंदी से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने, राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने, बिजली उपभोक्ताओं की ओवर-बिलिंग की शिकायतों का समाधान करने तथा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल निलंबन और विजिलेंस जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अधिकारी कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि जनसेवा का अवसर मानते हुए कार्य करें, ताकि देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को उत्तर प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।









