शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले पूरा प्रशासन हाई अलर्ट पर है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों की ओर जाने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित एवं सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन, नगर निगम, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। अनुमान है कि इस वर्ष करीब 12 लाख से अधिक कांवड़िए सहारनपुर से होकर गुजरेंगे।
गागलहेड़ी क्षेत्र में यूपी-उत्तराखंड सीमा से लेकर हरियाणा सीमा तक अस्थायी कांवड़ पुलिस चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। प्रत्येक चौकी पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जबकि लगातार गश्त और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस टीमें सक्रिय रहेंगी।

सीओ सदर विकास प्रताप चौहान ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। यात्रा मार्ग पर आकर्षक स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं, जिन्हें रंग-बिरंगी लाइटों और विद्युत झालरों से सजाया जा रहा है।
उधर, नगर निगम ने शहर के लगभग 13 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग को व्यवस्थित बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू कर दिया है। देहरादून रोड से घंटाघर होते हुए अंबाला रोड तक सबसे अधिक कांवड़ियों की आवाजाही रहती है। इस मार्ग पर करीब 40 कांवड़ सेवा शिविर स्थापित किए जा रहे हैं, जहां पेयजल, स्नान, सफाई और विश्राम की व्यवस्था होगी।
नगर निगम ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से कांवड़ मार्ग पर स्थित 550 बिजली के खंभों पर आठ फीट तक प्लास्टिक टेपिंग कराने का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि बरसात के दौरान करंट लगने जैसी घटनाओं से बचाव हो सके। इसके अलावा पूरे मार्ग पर 800 फोकस लाइटें लगाई जा रही हैं। बिजली बाधित होने की स्थिति में जनरेटरों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

कांवड़ मार्ग की स्वच्छता बनाए रखने के लिए छह सफाई निरीक्षक और 175 सफाई मित्र चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। नगर निगम द्वारा 18 मोबाइल शौचालय लगाए जा रहे हैं तथा स्थायी सार्वजनिक शौचालयों का भी रखरखाव कराया जा रहा है। पेयजल और स्नान के लिए पानी के टैंकर भी विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध रहेंगे।
रामपुर मनिहारान क्षेत्र में बिजली विभाग ने दिल्ली हाईवे पर बिना सुरक्षा कवर वाले ट्रांसफार्मरों पर लोहे के सुरक्षा जाल लगाने का कार्य शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारी लगातार निरीक्षण कर संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है। इसी कारण सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, बिजली, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।









