शहरी चौपाल ब्यूरो
चौसाना (शामली)। क्षेत्र के गांव बिड़ौली सादात में कब्रिस्तान जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के विरोध में प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से मार्ग का शीघ्र निर्माण कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो वे व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि कब्रिस्तान तक जाने वाला यह मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल बना हुआ है। बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। इससे न केवल आम लोगों का आवागमन प्रभावित होता है, बल्कि किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर जनाजे को कब्रिस्तान तक ले जाने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को कीचड़ और पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे संवेदनशील अवसर पर भी कठिन परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग केवल कब्रिस्तान तक पहुंचने का रास्ता नहीं, बल्कि मेरठ-करनाल हाईवे से जुड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी रास्ते से कस्बा बिड़ौली तथा आसपास के क्षेत्रों में आवागमन करते हैं। सड़क पर बने गड्ढों, उखड़ी हुई सतह और जलभराव के कारण दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कब्रिस्तान मार्ग का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में एआईएमआईएम के पश्चिम प्रदेश संयुक्त सचिव हाफिज इनाम, अजीमुद्दीन, बिलाल, तालिब, सावेज, अशरफ, जीशान, सलीम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।








