गय्यूर मलिक
शाकंभरी (सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर स्थित शाकंभरी खोल (नदी) में अचानक जलस्तर बढ़ जाने से सोमवार को श्रद्धालुओं का आवागमन रोक दिया गया। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के चलते समय रहते श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के अवसर पर सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए पैदल मार्ग से सिद्धपीठ की ओर जा रहे थे। सुबह करीब 10:30 बजे शिवालिक पहाड़ियों में लगातार बारिश होने और नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना प्रशासन को मिली। इसके तुरंत बाद पुलिस और मंदिर प्रशासन ने सायरन बजाकर श्रद्धालुओं को सतर्क किया और भूरादेव के पास ही उन्हें रोक दिया।
मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को भी एहतियात के तौर पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया। लगभग 11 बजे शाकंभरी खोल में तेज बहाव के साथ पानी आने लगा, जिससे नदी पार का मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। तेज बहाव के कारण श्रद्धालु जहां थे, वहीं सुरक्षित स्थानों पर रुक गए। प्रशासन ने किसी भी श्रद्धालु को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह और तहसीलदार विजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात का जायजा लिया और भूरादेव पर रुके श्रद्धालुओं से अपील की कि वे फिलहाल सिद्धपीठ की ओर जाने का प्रयास न करें। प्रशासन की अपील के बाद अधिकांश श्रद्धालु वापस लौट गए।
तहसीलदार विजय कुमार सिंह ने बताया कि मौसम सामान्य होने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद ही श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए जाने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करने की अपील की।

उधर, सिद्धपीठ श्री शाकंभरी देवी मंदिर के व्यवस्थापक राणा आदित्य प्रताप सिंह ने भी श्रद्धालुओं से विशेष अपील जारी की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 28 और 29 जुलाई को सिद्धपीठ की यात्रा स्थगित रखें और मौसम सामान्य होने के बाद ही मां शाकंभरी देवी के दर्शन के लिए आएं। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में अचानक होने वाली वर्षा के कारण शाकंभरी खोल में जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे यात्रा मार्ग असुरक्षित हो जाता है।
वहीं मिर्जापुर क्षेत्र में भी शिवालिक पहाड़ियों में हुई बारिश का असर देखने को मिला। शाहपुर गाड़ा, नौगांव, बादशाही बाग और खुवासपुर समेत कई बरसाती नदियों में पानी आ गया। हालांकि इन क्षेत्रों में मार्ग पूरी तरह बाधित नहीं हुआ, लेकिन खुवासपुर नदी पर ग्रामीणों को करीब एक घंटे तक जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ा।
प्रशासन ने कांवड़ यात्रा और सावन के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें और किसी भी स्थिति में तेज बहाव वाली नदी या नालों को पार करने का प्रयास न करें। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होने तक सतर्कता बरती जाएगी।









