शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कांवड़ यात्रा-2026 के समापन के बाद सहारनपुर शहर को आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। नगर निगम और परिवहन विभाग की संयुक्त पहल के तहत शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। इसके लिए चार प्रमुख रूट निर्धारित कर दिए गए हैं, जबकि बसों की चार्जिंग के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशन भी पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं। बसों के पहुंचते ही संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
यह परियोजना शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने, ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम लोगों को सुरक्षित, आरामदायक एवं पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इलेक्ट्रिक बसें 18 से 29 किलोमीटर तक के चार प्रमुख मार्गों पर नियमित रूप से संचालित होंगी।

निर्धारित रूटों में सहारनपुर-घंटाघर से बेहट, सहारनपुर से नागल, सहारनपुर से चकवाली तथा सहारनपुर से सरसावा तक के मार्ग शामिल हैं। इन मार्गों से शहर के साथ-साथ आसपास के कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से बेहतर सार्वजनिक परिवहन की मांग कर रहे लोगों के लिए यह योजना राहत लेकर आएगी।
परिवहन विभाग ने संचालन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। चयनित रूटों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं और बसों के आगमन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कांवड़ यात्रा समाप्त होते ही इन बसों को नियमित सेवा में शामिल कर दिया जाएगा।
क्षेत्रीय प्रबंधक योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की सभी तैयारियां पूरी हैं। बसों के आते ही निर्धारित रूटों पर सेवा शुरू कर दी जाएगी, जिससे यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

परिवहन विभाग का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों से डीजल की खपत कम होगी, वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी और शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। नगर निगम बस स्टॉप और ठहराव स्थलों पर यात्री सुविधाओं को भी उन्नत कर रहा है, ताकि लोगों को बेहतर अनुभव मिल सके।
प्रशासन को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सहारनपुर पर्यावरण-अनुकूल सार्वजनिक परिवहन अपनाने वाले प्रमुख शहरों में शामिल होगा।









