श्री कांत शर्मा
गागलहेड़ी (सहारनपुर)। श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा के दौरान जहां लाखों पुरुष शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं महिला श्रद्धालु भी आस्था, समर्पण और उत्साह के साथ इस धार्मिक यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश की महिला कांवड़ियों का एक जत्था हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर गागलहेड़ी पहुंचा। महिला श्रद्धालुओं के जोश, अनुशासन और भक्ति ने मार्ग में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
महिला शिवभक्तों का यह जत्था हरिद्वार से पैदल यात्रा करते हुए भगवान शिव के जयकारों के बीच अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ रहा है। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। जगह-जगह सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने महिला कांवड़ियों का स्वागत कर उन्हें जलपान, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं।

जत्थे में शामिल अनिता शर्मा ने बताया कि उनके साथ सोमा देवी, कुला देवी, शौम्या देवी, सत्य देवी, धीर, प्रताप और जतिन सहित कई श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था के साथ यह यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से हर वर्ष कांवड़ यात्रा करने का सौभाग्य मिलता है और इस बार भी उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से गंगाजल लाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का संकल्प लिया है।
महिला श्रद्धालुओं ने कहा कि शिवभक्ति में न तो उम्र मायने रखती है और न ही महिला या पुरुष होने का कोई अंतर है। सच्ची श्रद्धा, विश्वास और समर्पण ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि कठिन पैदल यात्रा के बावजूद उनके मन में किसी प्रकार की थकान नहीं, बल्कि भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक की उत्सुकता है।
गागलहेड़ी से गुजरते समय स्थानीय लोगों ने महिला कांवड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और उनके सुरक्षित एवं सफल यात्रा की कामना की। कई लोगों ने महिला श्रद्धालुओं के साहस, अनुशासन और धार्मिक आस्था की सराहना करते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र की तरह धार्मिक आयोजनों में भी समान रूप से अपनी सहभागिता निभा रही हैं।
श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर जनपद का वातावरण पूरी तरह शिवमय बना हुआ है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं की ओर से जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की समुचित व्यवस्था की गई है। महिला श्रद्धालुओं का यह जत्था भी गागलहेड़ी से आगे अपने गंतव्य हिमाचल प्रदेश की ओर रवाना हो गया, जहां पवित्र गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।









