शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शहीद उधम सिंह के बलिदान दिवस के अवसर पर बेहट रोड स्थित चकसराय में महाबोधि महाविहार यात्रा को लेकर आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक परिवर्तन को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम में भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल ने कहा कि भारत की पहचान पूरी दुनिया में बौद्ध धम्म के कारण बनी है और जब तक समाज में व्यापक परिवर्तन नहीं होगा, तब तक राजनीतिक परिवर्तन भी संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाज ने हमेशा सामाजिक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई है, लेकिन आज भी कुछ लोग आरक्षण व्यवस्था का विरोध कर सामाजिक न्याय की भावना को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना होगा। साथ ही युवाओं को खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए भी जल्द व्यापक रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा मिल सके।

कार्यक्रम में भंते विनाचार्य ने कहा कि व्यक्ति की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकाग्रता होती है। जब समाज संगठित होकर अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझेगा, तभी वास्तविक बदलाव आएगा। उन्होंने लोगों से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने जानकारी दी कि बिहार के बोधगया स्थित महाबोधि महाविहार को लेकर जनजागरण अभियान के अंतर्गत 26 अगस्त से लखनऊ से महाबोधि महाविहार यात्रा प्रारंभ होगी, जो विभिन्न जिलों से होते हुए 13 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और लोगों को एकजुट करना है।
कार्यक्रम में लुधियाना से पहुंचे प्रसिद्ध रेसलर सुल्तान सिंह ने कहा कि भगवान गुरु रविदास महाराज की कृपा और समाज के आशीर्वाद से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि जब भी वह रिंग में उतरते हैं तो “जय गुरु रविदास” और “जय भीम” का उद्घोष करते हैं। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
रेसलर जितेंद्र डागर ने युवाओं से खेलों में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं। समाज के युवाओं को खेलों में अधिक अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन श्री गुरु रविदास सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित गौतम ने किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक परिवर्तन ही राजनीतिक परिवर्तन की सबसे मजबूत नींव है। समाज के लोगों को आपसी मतभेद और मनमुटाव भुलाकर एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश देते हुए सामाजिक समरसता और भाईचारे पर बल दिया।
कार्यक्रम संयोजक श्रीमती मैना बौद्ध ने सभी अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महात्मा सतीश दास खरखड़ी, पूजा अंबेडकर, बिट्टू खालसा, धीरज बौद्ध, अभिषेक जधेड़ी, धर्म सिंह प्रजापति, अनिकेत सिंधी, अमरजीत, शुभम, विशाल, दिनेश, मनोज, रविंद्र, विपिन, सुजीत कुमार पेगवाल, ममता, बबीता, बबली, गीता, संजना सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।









