Saharanpur News: शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के इंजीनियरिंग विभाग की सिल्वर जुबली, देश-विदेश के पूर्व छात्र हुए शामिल

शोभित विश्वविद्यालय गंगोह के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग के 25 वर्ष पूरे होने पर सिल्वर जुबली समारोह आयोजित हुआ। एलुमनाई मीट और म्यूजिकल फिएस्टा में देश-विदेश के पूर्व छात्रों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए और विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर चर्चा की।

श्रवण शर्मा

गंगोह । शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी विभाग की स्थापना के 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को “सिल्वर जुबली” समारोह के अंतर्गत भव्य पुरातन छात्र समागम (एलुमनाई मीट) एवं म्यूजिकल फिएस्टा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों, उद्योगों और संस्थानों में कार्यरत पूर्व छात्र-छात्राएं एक मंच पर जुटे। सभी ने अपने छात्र जीवन की यादों को साझा करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय की विकास यात्रा, नवाचार, उद्योग जगत से सहभागिता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

 

समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र, कुलपति प्रो. (डॉ.) बी.एस. सिद्धू, पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) रघुवीर सिंह, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह, प्रो. (डॉ.) पंकज राणा, श्रीमती निधि शेखर, वंशिका शेखर एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती तथा संस्थापक बाबू विजेंद्र कुमार की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद सरस्वती वंदना और विश्वविद्यालय कुलगीत के सामूहिक गायन ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।

स्वागत भाषण में कुलसचिव प्रो. (डॉ.) महिपाल सिंह ने पूर्व छात्रों का अभिनंदन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और उसके पूर्व छात्रों का रिश्ता केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर का संबंध है। उन्होंने सभी से विश्वविद्यालय से निरंतर जुड़े रहने और अपने अनुभवों से वर्तमान विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। विश्वविद्यालय के केयरटेकर सूफी जहीर अख्तर ने भी पूर्व छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनका अनुभव संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी है।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित “पूर्व छात्रों की सफलता गाथा” सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसमें विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों और प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि शोभित विश्वविद्यालय से मिली शिक्षा और संस्कारों ने उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना विकसित करने का संदेश दिया।

कुलपति प्रो. (डॉ.) बी.एस. सिद्धू ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की वास्तविक पहचान उसके पूर्व छात्रों की उपलब्धियों से होती है। उन्होंने एलुमनाई नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाने तथा विद्यार्थियों को उद्योग जगत से जोड़ने के लिए नियमित संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

पूर्व निदेशक प्रो. (डॉ.) रघुवीर सिंह ने इंजीनियरिंग विभाग की 25 वर्षों की विकास यात्रा को याद करते हुए कहा कि संस्थान ने गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार और सक्षम नागरिक तैयार करना है जो समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

समारोह में समूह नृत्य, एकल प्रस्तुतियां, संगीत प्रतियोगिताएं और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। देर शाम आयोजित म्यूजिकल फिएस्टा में पूर्व छात्र एक बार फिर अपने छात्र जीवन की यादों में खो गए। कार्यक्रम के समापन पर सभी पूर्व छात्रों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया तथा राष्ट्रगान और सामूहिक छायाचित्र के साथ समारोह संपन्न हुआ।

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