शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की जिला इकाई ने यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यवस्था को लेकर छोटे और फुटकर व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। प्रांतीय अध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा के आह्वान पर व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी सहारनपुर को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने व्यापार और अर्थव्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ऐसे में एमडीआर का अतिरिक्त आर्थिक भार छोटे व्यापारियों पर पड़ने से डिजिटल भुगतान को लेकर अनावश्यक हिचक पैदा होने की आशंका है। व्यापार मंडल ने कहा कि ऐसी स्थिति में कुछ उपभोक्ता और व्यापारी दोबारा नकद लेन-देन की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे डिजिटल भुगतान के विस्तार की गति प्रभावित हो सकती है।
व्यापार मंडल ने मांग की कि केवल मासिक राशि के आधार पर सीमा निर्धारित करने के बजाय व्यापारियों के वास्तविक कारोबार और व्यापार की प्रकृति को भी ध्यान में रखा जाए। यदि किसी श्रेणी में यूपीआई व्यवस्था आवश्यक की जाती है तो छोटे व्यापारियों को पर्याप्त और व्यावहारिक संरक्षण दिया जाए। साथ ही डिजिटल भुगतान को मजबूत रखते हुए छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डालने वाली व्यवस्था बनाई जाए।
ज्ञापन में 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित व्यवस्था लागू करने से पहले प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और परामर्श करने की मांग की गई। व्यापार मंडल ने स्पष्ट किया कि वह डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विरोध नहीं करता, बल्कि यूपीआई की सरलता और विश्वसनीयता बनाए रखते हुए छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा चाहता है।
ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, जिला उपाध्यक्ष अशोक मलिक, दीपक कुमार, ललित कुमार और सतीश कुमार शामिल रहे।








