मऊ। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में युवाओं में एचआईवी संक्रमण के नए मामले सामने आने से स्वास्थ्य विभाग के सामने जागरूकता और जांच को लेकर चुनौती बढ़ी है। जिला अस्पताल स्थित एआरटी सेंटर में पिछले पांच महीनों के दौरान 18 युवाओं में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें अधिकांश युवा रोजगार के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में रह रहे थे और हाल में घर लौटे थे। वहीं तीन युवा उच्च शिक्षा के लिए राज्य से बाहर गए थे। घर लौटने के बाद तबीयत खराब होने पर कराई गई जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई।
एआरटी सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक वर्तमान में 2,661 एचआईवी संक्रमित मरीज उपचाराधीन हैं। इनमें 1,398 महिलाएं, 1,239 पुरुष और 119 किशोर बताए गए हैं। मार्च 2026 से अब तक 137 नए मरीज पंजीकृत हुए हैं। इनमें 96 पुरुष, 38 महिलाएं और दो किशोर शामिल हैं। पिछले वर्ष यह संख्या 2,580 थी।
एआरटी सेंटर में हुई काउंसलिंग के दौरान कुछ संक्रमित युवाओं के मामलों में बाहर रहने के दौरान जोखिमपूर्ण व्यवहार और जागरूकता की कमी सामने आई। मधुबन तहसील क्षेत्र का 24 वर्षीय युवक पिछले दो वर्षों से दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। घर लौटने के बाद लगातार बुखार और कमजोरी की शिकायत पर जांच कराई गई, जिसमें एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। काउंसलिंग में उसने बाहर रहने के दौरान असुरक्षित व्यवहार की बात स्वीकार की।
इसी तरह राज्य से बाहर उच्च शिक्षा के लिए गए 24 वर्षीय छात्र का वजन अचानक कम होने लगा और वह बार-बार बीमार पड़ने लगा। परिजनों ने जांच कराई तो संक्रमण की पुष्टि हुई। काउंसलिंग में छात्र ने जागरूकता के अभाव और गलत संगत के कारण जोखिमपूर्ण व्यवहार होने की बात बताई।
मुंबई में मजदूरी करने वाले 26 वर्षीय युवक की तबीयत गांव लौटने के बाद लगातार खराब रही। वह टाइफाइड और निमोनिया से परेशान था। सामान्य दवाओं से राहत नहीं मिलने पर एचआईवी जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद एआरटी सेंटर पर उसका उपचार शुरू किया गया।
एआरटी सेंटर के इंचार्ज डॉ. मुकुल मौर्या और चीफ फार्मासिस्ट शिवेंद्र सिंह के अनुसार संक्रमित युवाओं की काउंसलिंग में जागरूकता की कमी को लेकर कई बातें सामने आई हैं। पांच युवाओं ने असुरक्षित शारीरिक संबंध की बात स्वीकार की, जबकि दो युवाओं ने टैटू बनवाने के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने की जानकारी दी। हालांकि किसी भी संक्रमित युवा की पारिवारिक पृष्ठभूमि में एचआईवी संक्रमण का पुराना इतिहास नहीं मिला।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एचआईवी संक्रमण को लेकर जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच बेहद महत्वपूर्ण है। एआरटी सेंटर में संक्रमित मरीजों की पहचान और गोपनीयता बनाए रखते हुए उपचार और काउंसलिंग की जा रही है। जिला मऊ प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराती है।








