शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। दिव्य शक्ति अखाड़ा एवं समाजसेवा जगत के लिए गौरव का विषय है कि आचार्य महामंडलेश्वर संत श्री कमल किशोर जी महाराज, सहारनपुर को आध्यात्मिक, सामाजिक एवं मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “श्री शारदा शताब्दी सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया। तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित सम्मान समारोह में यह सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, श्री शारदा सर्वज्ञ पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य काश्मीर स्वामी डॉ. अमृतानन्द देव तीर्थ जी महाराज तथा सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति पंकज मित्तल ने संत श्री कमल किशोर जी महाराज को सम्मानित किया।
समारोह में संत श्री कमल किशोर जी महाराज के आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान के साथ विशेष रूप से रक्तदान के क्षेत्र में उनकी सेवाओं का उल्लेख किया गया। आयोजकों के अनुसार उन्होंने अब तक 157 बार स्वैच्छिक रक्तदान किया है। इसे मानव सेवा और स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान बताया गया।
श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य काश्मीर स्वामी डॉ. अमृतानन्द देव तीर्थ जी महाराज ने कहा कि संत श्री कमल किशोर जी महाराज ने आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों के साथ मानव सेवा को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। उनके अनुसार रक्तदान के माध्यम से उन्होंने जरूरतमंद लोगों की सहायता के साथ समाज में सेवा भावना को बढ़ाने का कार्य किया है।
समारोह में शारदा पीठ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख हुआ। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने शारदा माता को ज्ञान और वाणी की प्रतीक बताते हुए भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा से जुड़े इस तीर्थ की महत्ता पर विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि शारदा पीठ वर्तमान में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्थित होने के कारण भारतीय श्रद्धालुओं के लिए वहां पहुंचना कठिन और सीमित है।
“श्री शारदा शताब्दी सम्मान” ऐसे व्यक्तित्वों को समर्पित बताया गया, जिन्होंने तप, सेवा, विद्या, भारतीय संस्कृति तथा सनातन परंपरा के संरक्षण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। चयन समिति ने संत श्री कमल किशोर जी महाराज की प्रतिभा, योग्यता और लोकसेवा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सम्मान के लिए चयनित किया।
इस सम्मान से दिव्य शक्ति अखाड़ा, सहारनपुर के संतों, पदाधिकारियों, अनुयायियों और शुभचिंतकों में खुशी है। अखाड़ा परिवार ने कहा कि यह सम्मान संत श्री कमल किशोर जी महाराज के साथ सहारनपुर और मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए भी गौरव का विषय है।
समारोह में प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी, महासचिव काशी विद्वत परिषद वाराणसी, स्वामी जितेंद्र आनंद सरस्वती, राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय संत समिति, सीबी कसाना, कर्नल अश्विनी कुमार और डॉ. राजा लंगर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन गरिमा त्रिपाठी ने किया।
समारोह में स्वामी जितेंद्र आनंद सरस्वती, आचार्य राजेश वत्स, पीठाधीश्वर गुरु धाम वेद विद्यापीठ कुरुक्षेत्र, प्रोफेसर संतोष शुक्ला, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय, बलविंदर हैप्पी सिंह, ब्रह्मऋषि डॉ. चिराचुरी वेंकट सुबरमनियम, डॉ. विजयराघवाचार्युलु और आदित्य केडिया को भी श्री शारदा शताब्दी सम्मान से सम्मानित किया गया।
दिव्य शक्ति अखाड़ा परिवार ने सेवा संदेश देते हुए कहा— “रक्तदान-महादान, मानव सेवा-सर्वोच्च धर्म।”








