शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों, चकबंदी वादों और कानून व्यवस्था की वर्चुअल माध्यम से समीक्षा बैठक हुई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग सीएम डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर काम करें। सी और डी श्रेणी वाले विभाग कार्यशैली में सुधार लाएं, जबकि ए श्रेणी प्राप्त विभाग अपनी स्थिति निरंतर बनाए रखें।
समीक्षा में डे-एनआरएलएम आरएफ-सीआईएफ में सहारनपुर को सी श्रेणी, जननी सुरक्षा योजना में मंडल के तीनों जनपदों को सी श्रेणी, फैमिली आईडी में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को सी श्रेणी मिली। 15वें व पांचवें वित्त आयोग ग्राम पंचायत में मुजफ्फरनगर को सी श्रेणी, एसबीएम ग्रामीण फेज-2 व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में सहारनपुर और शामली को सी श्रेणी तथा राज्य योजना में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को डी श्रेणी मिली। आईसीडीएस पोषण अभियान में सहारनपुर को डी तथा मुजफ्फरनगर और शामली को सी श्रेणी मिली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में तीनों जनपदों को डी श्रेणी मिलने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के कार्यों की जियो टैगिंग कराने, पर्यटन विभाग के पाथवे और साइनेज के कार्य इसी माह पूरा कराने तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की प्रक्रिया समय से पूरी करने के निर्देश दिए। फैमिली आईडी में प्रगति के लिए सभी अधिशासी अधिकारियों की अलग से बैठक आयोजित करने को कहा।
विद्युत बिल सुधार के मामलों में लापरवाही नहीं बरतने और शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। पीएम किसान सम्मान निधि का कोई प्रकरण लंबित न रखने तथा निराश्रित महिला पेंशन के मामलों में भी तेजी लाने को कहा गया।
आईटीआई छात्रों को स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के लिए पीएम सेतु योजना के तहत जनपदवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। एनएपीएस के तहत आईटीआई पास छात्रों का पंजीकरण कर उद्योगों की जरूरत के अनुसार उन्हें प्रशिक्षित करने और उद्यमियों से समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
आईजीआरएस की समीक्षा में मंडलायुक्त ने कहा कि कोई भी प्रकरण डिफाल्टर श्रेणी में न जाए। शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण होने के साथ शिकायतकर्ता की संतुष्टि भी सुनिश्चित की जाए। संतोषजनक फीडबैक नहीं मिलने पर अधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण करें।
राजस्व व कर-करेत्तर कार्यों में स्टांप, आबकारी, जीएसटी, खनन, परिवहन, वन, नगर विकास और ऊर्जा विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली के निर्देश दिए गए। तीन से पांच वर्ष पुराने राजस्व वादों के निस्तारण, चारागाह की भूमि को कब्जामुक्त कराने और रोवर से भूमि की पैमाइश कराने को कहा गया। चकबंदी के तीन वर्ष पुराने वादों का निस्तारण तथा बड़े बकायादारों से शीघ्र वसूली कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी सहारनपुर अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर उमेश मिश्रा, जिलाधिकारी शामली आलोक कुमार, मुख्य विकास अधिकारी सहारनपुर डॉ. सुनील कुमार वर्मा सहित मंडल एवं तीनों जनपदों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।








