शहरी चौपाल/संवाददाता
देवबंद/सहारनपुर। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का मामला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चर्चा में आ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान सहारनपुर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण का उल्लेख किया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी 5 सितंबर को हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान पर मामले के शिकायतकर्ता एवं बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित निर्माण के संबंध में स्थानीय स्तर पर न्यायिक और प्रशासनिक प्रक्रिया चली थी। जिला न्यायालय द्वारा 2 सितंबर को अपील खारिज किए जाने के बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने परिसर में कार्रवाई की थी।
विकास त्यागी ने पाकिस्तान द्वारा मामले को संयुक्त राष्ट्र के मंच पर उठाए जाने को भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर का मामला स्थानीय प्रशासन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा है तथा पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से पहले अपने यहां अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन और निर्माण को लेकर सक्षम न्यायालयों में मामला चला। प्रशासन का पक्ष रहा कि निर्माण सरकारी भूमि पर अनधिकृत रूप से किया गया था। वहीं, मस्जिद प्रबंधन की ओर से कार्रवाई की वैधानिकता को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जा चुकी है ।
विकास त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा सहारनपुर प्रकरण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना भारत के आंतरिक मामलों को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत में कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत होने वाली कार्रवाई को बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद लंबे समय से न्यायालय में चल रहा था। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को अनधिकृत बताते हुए कार्रवाई का आदेश दिया था। जिला न्यायालय ने 2 सितंबर को अपील खारिज कर दी, जिसके बाद 5 सितंबर को प्रशासन ने मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।








