शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर का ऐतिहासिक मेला गूधाल 2026 शुरू हो चुका है। मेले को भाईचारे और आपसी सौहार्द का प्रतीक बताते हुए मेला प्रबंधक सुहैब रिजवी और सन्नी गुप्ता ने शहरवासियों से परिवार और बच्चों के साथ मेले में पहुंचकर आनंद उठाने की अपील की है।
मेला प्रबंधक ने कहा कि मेला गूधाल का शहरवासियों को पूरे साल इंतजार रहता है। खासकर बच्चों की मेले को लेकर विशेष उत्सुकता रहती है। मेले में परिवार के साथ पहुंचना, बच्चों के लिए खिलौने खरीदना, खान-पान का आनंद लेना और विभिन्न झूलों पर मनोरंजन करना मेले की खासियत है। मेले में आने वाले लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों को भी व्यापार का अवसर मिलता है, जिससे उनके परिवारों की आजीविका चलती है।
उन्होंने बताया कि इस बार मेले को विशेष रूप से आकर्षक बनाया गया है। मेले में मारुति कार सर्कस, जलपरी शो और ग्रेविटी फोर्स फ्री झूले के साथ नए और आधुनिक झूले लगाए गए हैं। इसके अलावा हंसी घर सहित मनोरंजन के विभिन्न साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
मेले में विभिन्न प्रकार के खान-पान के स्टॉल लगाए गए हैं। हलवा-परांठा, चाट, भेलपुरी सहित अनेक व्यंजनों के स्टॉल के साथ क्रॉकरी, चूड़ी, पर्स आदि की दुकानें भी सजाई गई हैं। महिलाओं और बच्चों के लिए मीना बाजार भी आकर्षण का केंद्र है।
मेला प्रबंधक ने बताया कि मेले में सफाई और सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि मेला सहारनपुर की ऐतिहासिक पहचान और शहर की आन-बान-शान से जुड़ा है। लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ मेले में आएं तथा आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मेले का आनंद उठाएं।








