शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पार्श्वनाथ सिटी, दिल्ली रोड पर आयोजित प्रेस वार्ता में महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी ने कांग्रेस की ओर से निर्वाचन आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर पार्टी का पक्ष रखा। प्रेस वार्ता में भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई और जिला अध्यक्ष अजीत राणा भी मौजूद रहे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई हालिया स्पष्टता का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोप लगाने से पहले आयोग की आधिकारिक जानकारी और संबंधित दस्तावेजों को देखना चाहिए।
वक्ताओं ने बिहार में एसआईआर से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े विषयों पर राजनीतिक दावों के साथ न्यायालय के निर्णय और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पक्ष को भी जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
प्रेस वार्ता में कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र को लेकर कांग्रेस की ओर से किए गए दावों पर भी भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी पत्र अथवा समाचार रिपोर्ट की व्याख्या करने से पहले मूल दस्तावेज और संबंधित संस्था का आधिकारिक पक्ष देखना आवश्यक है।
भाजपा नेताओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया का स्थापित हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए निर्वाचन आयोग की निर्धारित व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।
महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का मताधिकार सुनिश्चित करना चुनाव प्रक्रिया का मूल उद्देश्य है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर किसी नागरिक को आपत्ति या शिकायत है तो उसके लिए निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया उपलब्ध है।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के पूर्व में चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को लेकर दिए गए बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बहस तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर होनी चाहिए। प्रेस वार्ता में राहुल गांधी के पूर्व के कुछ सार्वजनिक बयानों और 2019 में सुप्रीम कोर्ट से जुड़े अवमानना मामले का भी संदर्भ दिया गया।
वक्ताओं ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य अभियानों से जुड़े राहुल गांधी के पूर्व बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक संवाद करते समय आधिकारिक रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है और राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं। हालांकि, उनके अनुसार निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यों, आधिकारिक दस्तावेजों और न्यायिक निर्णयों के आधार पर होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता में भाजपा महानगर अध्यक्ष शीतल विश्नोई, जिला अध्यक्ष अजीत राणा सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।








