शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिला महिला अस्पताल की विशेष नवजात देखभाल इकाई (एसएनसीयू) की टीम को नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और उत्कृष्ट कार्य के लिए भारतीय बाल रोग अकादमी (आईएपी) प्रशंसा पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। आईएपी के प्रतिनिधिमंडल ने एसएनसीयू का भ्रमण कर टीम को स्मृति चिन्ह प्रदान किया।
प्रतिनिधिमंडल में आईएपी सहारनपुर अध्यक्ष एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रविकांत निरंकारी, आईएमए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. डी.के. गुप्ता, आईएपी सचिव डॉ. हिमांशु कुमार, कोषाध्यक्ष डॉ. डी.के. तिवारी तथा विज्ञान सचिव डॉ. महेश गोयल शामिल रहे। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. इंदिरा सिंह, नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार यादव, एसएनसीयू प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह और नर्सिंग प्रभारी शशि देवी को प्रशंसा पुरस्कार-2026 का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. रविकांत निरंकारी ने कहा कि जिला महिला अस्पताल की एसएनसीयू पूरे प्रदेश में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है और यह पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने टीम के प्रयासों की सराहना की।
उल्लेखनीय है कि सितंबर माह में राष्ट्रीय नवजात शिशु मंच (एनएनएफ) की ओर से जिला महिला चिकित्सालय, सहारनपुर की एसएनसीयू को वर्ष 2026 के सर्वश्रेष्ठ विशेष नवजात देखभाल इकाई पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
एसएनसीयू प्रभारी डॉ. मनदीप सिंह ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में प्रतिमाह करीब 900 प्रसव होते हैं। नवजात शिशुओं की देखभाल एसएनसीयू टीम पूरी तत्परता से करती है, जिससे नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिली है। इकाई में संक्रमण नियंत्रण और स्वच्छता के उच्च मानकों का पालन किया जाता है। कम वजन वाले नवजातों के लिए कंगारू मदर केयर पद्धति भी लागू की गई है।
बीमार नवजातों के बेहतर उपचार एवं रेफरल प्रबंधन के लिए उच्च सरकारी अस्पतालों से समन्वय रखा जाता है और 24 घंटे विशेषज्ञ देखभाल उपलब्ध कराई जाती है। माताओं को स्तनपान और नवजात देखभाल के संबंध में एनएनएफ के मानकों के अनुरूप परामर्श एवं जागरूकता दी जाती है। गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग केयर के इन प्रयासों के चलते एसएनसीयू टीम ने सहारनपुर का नाम प्रदेश स्तर पर गौरवान्वित किया है।








