मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों ने युवाओं के सामने स्वास्थ्य से जुड़ी नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। शहर में शाम होते ही फास्ट फूड की दुकानों, रेस्टोरेंट और खाने-पीने के अन्य स्थानों पर युवाओं की भीड़ दिखाई देती है। स्वाद और तुरंत उपलब्धता के कारण बर्गर, पिज्जा, मोमोज, नूडल्स, फ्राइड फूड, चिप्स और मीठे पेय जैसे खाद्य पदार्थ युवाओं की दिनचर्या का हिस्सा बनते जा रहे हैं। दूसरी ओर, स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों के कारण चिकित्सकों के पास पहुंचने वाले लोगों की संख्या भी बदलती जीवनशैली को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
एमबीबीएस, एमडी चिकित्सक डॉ. संजीव मिगलानी, सहारनपुर ने युवाओं की बदलती खानपान की आदतों को लेकर कहा कि जंक फूड को नियमित भोजन का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। अधिक नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा वाले खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन वजन बढ़ने, शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने और आगे चलकर कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने युवाओं को संतुलित भोजन लेने और फल, सब्जियां, दाल, साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने की सलाह दी।
डॉ. मिगलानी ने कहा कि युवाओं के लिए केवल खानपान ही नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। देर रात तक जागना, शारीरिक गतिविधि की कमी और लंबे समय तक मोबाइल या स्क्रीन पर समय बिताना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने युवाओं को नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
उन्होंने नशे और हुक्का सेवन को लेकर भी युवाओं को सावधान किया। डॉ. मिगलानी के अनुसार हुक्का या फ्लेवर्ड हुक्का को सुरक्षित विकल्प मानना उचित नहीं है। धुएं के माध्यम से शरीर में हानिकारक पदार्थ पहुंच सकते हैं और नियमित सेवन स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने युवाओं से तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों से दूरी बनाए रखने की अपील की।
चिकित्सक ने कहा कि युवाओं को स्वस्थ रखने में परिवार की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। अभिभावकों को बच्चों के खानपान पर ध्यान देने के साथ उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। केवल जंक फूड से दूर रहने की सलाह देने के बजाय घर में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने और बच्चों को खेलकूद एवं शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
शहर में शाम के समय फास्ट फूड और खाने-पीने के स्थानों पर युवाओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वाद और सुविधा के लिए लगातार जंक फूड का सेवन करने के बजाय युवाओं को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
युवाओं के हाथ में आने वाली पीढ़ी का भविष्य है। आज अपनाई गई स्वस्थ आदतें आगे चलकर जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं। जरूरत केवल जागरूकता की नहीं, बल्कि स्वस्थ भोजन, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और नशामुक्त जीवन को दैनिक आदत बनाने की है।








