वृंदावन। संत प्रेमानंद महाराज के केलि कुंज आश्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हैं। 25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की खुदकुशी के बाद अनुज चौधरी के लापता होने और अब नोएडा की एक युवती के गायब होने की खबरों ने आश्रम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन घटनाओं को केलि कुंज आश्रम से सीधे जोड़ने के लिए फिलहाल कोई पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है।
आश्रम की ओर से कहा गया है कि रसिक दुलारी शरण मामले की पुलिस जांच कर रही है और केलि कुंज ट्रस्ट जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। आश्रम के मुताबिक अनुज चौधरी ने प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी, लेकिन वह आश्रम में नहीं रहता था और पिछले करीब तीन महीने से बरसाना के लाड़ली दास आश्रम में रह रहा था।
नोएडा की युवती के मामले में बताया जा रहा है कि वह 15 अगस्त को प्रेमानंद महाराज से मिलने की बात कहकर घर से निकली थी और इसके बाद से लापता है। हालांकि, उसके केलि कुंज आश्रम पहुंचने या वहां रहने की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
राधा केलि कुंज ट्रस्ट प्रबंधन ने अपील जारी कर कहा कि हाल की घटनाओं से प्रेमानंद महाराज और समस्त अनुयायी आहत हैं। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अधूरी जानकारी, अफवाहों और पूर्वानुमानों के आधार पर आश्रम या प्रेमानंद महाराज की छवि को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की है।
आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार हालिया घटनाओं के बाद दर्शन और दीक्षा की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। साधक-साधिकाओं के ड्रेस कोड में भी बदलाव की चर्चा है। हालांकि, इन फैसलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
केलि कुंज आश्रम वृंदावन में स्थित है, जहां प्रेमानंद महाराज कीर्तन और भक्तों से संवाद करते हैं। आश्रम परिसर में कीर्तन हॉल के अलावा भक्तों से संवाद के लिए अलग स्थान भी बताया जाता है। दीक्षा प्रक्रिया में साधक की पारिवारिक स्थिति और सहमति सहित कई नियमों का पालन किए जाने की जानकारी आश्रम से जुड़े लोगों की ओर से दी जाती है।








