शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की महानगर इकाई ने केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल के व्यापारियों के हित में लिए गए निर्णयों का स्वागत किया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को घंटाघर स्थित सभागार में आयोजित विशेष बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि जीएसटी व्यवस्था में प्रक्रियाओं का सरलीकरण और छोटे मामलों में दंड का बोझ कम करने से व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा और महानगर वरिष्ठ महामंत्री सरदार सुरेंद्र मोहन सिंह चावला ने कहा कि 8 अक्टूबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में व्यापारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इनमें अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने तथा सामान्य मामलों में न्यूनतम जुर्माना 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने जैसे प्रस्तावित बदलाव शामिल हैं। व्यापार मंडल ने इन कदमों को छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए राहतकारी बताया।
व्यापार मंडल ने जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और तेज करने, रिफंड प्रक्रिया में सुधार लाने तथा छोटे मामलों में दंडात्मक कार्रवाई का बोझ कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों का भी स्वागत किया। पदाधिकारियों ने कहा कि सही दस्तावेज रखने वाले खरीदारों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) अधिकारों की सुरक्षा के लिए आपूर्तिकर्ता की चूक से जुड़े मामलों में समिति गठित करने का निर्णय भी महत्वपूर्ण है।
महानगर महामंत्री पुनीत चौहान ने कहा कि व्यापार देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों को सरल नियम, सम्मानजनक व्यवहार और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रक्रियाओं का सरलीकरण और छोटे मामलों में दंड का बोझ कम होना समय की आवश्यकता है। इससे व्यापारियों को अपना समय और संसाधन कारोबार को आगे बढ़ाने में लगाने का अवसर मिलेगा।
बैठक के अंत में व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार और जीएसटी काउंसिल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारियों की समस्याओं और मांगों को आगे भी संबंधित अधिकारियों तथा सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाता रहेगा।
बैठक में मंडल अध्यक्ष संजय भसीन, प्रांतीय संगठन मंत्री अशोक छाबड़ा, आईटी मंच से राजीव मदान, नीरज जैन, युवा चेयरमैन दीपक खेड़ा, युवा अध्यक्ष अनुभव शर्मा, अशोक नारंग, राजू खेड़ा, गुलशन अनेजा, मुकेश दत्ता, सुदर्शन जुनेजा, सुभाष सपड़ा और राघव गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।








