शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट (सहारनपुर)। बेहट तहसील क्षेत्र में यमुना नहर पर शुक्रवार को बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की ओर से मॉक अभ्यास आयोजित किया गया। उपजिलाधिकारी की मौजूदगी में हुए इस अभ्यास में एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ के पानी में फंसे और बह रहे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। रेस्क्यू ऑपरेशन देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही।
मॉक अभ्यास में एनडीआरएफ वाहिनी के उप सेनानी डॉ. कुबेर एस. शर्मा के नेतृत्व में 32 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अभ्यास के दौरान टीम ने ड्राई और वेट रेस्क्यू तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए बताया कि बाढ़ जैसी आपदा के समय प्रभावित लोगों को किस प्रकार सुरक्षित बचाया जा सकता है। सभी संबंधित एजेंसियों ने आपसी समन्वय के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में अपनी भूमिका निभाई।
इस अवसर पर उप सेनानी डॉ. कुबेर एस. शर्मा ने कहा कि एनडीआरएफ किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने आमजन को बाढ़ के दौरान सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि नाव में यात्रा करते समय हमेशा लाइफ जैकेट पहननी चाहिए। लाइफ जैकेट और लाइफ बॉय जैसे सुरक्षा उपकरण पानी में डूबने से बचाव के लिए बेहद उपयोगी हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना किसी आवश्यक कारण के नदी और नहर के किनारे जाने से बचें तथा बाढ़ के दौरान प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने बताया कि मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत करना है, ताकि वास्तविक आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई कर जन-धन की हानि को कम किया जा सके।








