शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिले और आसपास के क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने तथा उद्यमियों को वित्तीय सुविधाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज (सीआईएस) ने महत्वपूर्ण पहल की है। दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित संस्था के ‘सौहार्द’ (ऑल मेंबर्स मीट) कार्यक्रम में सीआईएस और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य उद्यमियों को उद्योगों के विस्तार, स्टार्टअप शुरू करने, वित्तीय सहायता प्राप्त करने और नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिडबी लखनऊ के महाप्रबंधक जयकुमार गुप्ता उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथियों में महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई. तथा सिडबी सहारनपुर शाखा के प्रबंधक क्लेमेंट रोहित राज शामिल रहे। मां शाकंभरी विश्वविद्यालय फाउंडेशन के अभिनव पुंडीर ने भी स्टार्टअप और उद्यमिता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
उद्यमियों तक पहुंचाया जाएगा समझौते का लाभ
कार्यक्रम का शुभारंभ सीआईएस के अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने प्रार्थना के साथ किया। इसके बाद अतिथियों और पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने अतिथियों, पदाधिकारियों, सदस्यों और पत्रकारों का स्वागत करते हुए कहा कि सीआईएस पहले मां शाकंभरी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू कर चुकी है। सिडबी के साथ हुआ यह दूसरा महत्वपूर्ण समझौता है। संस्था का उद्देश्य केवल समझौते करना नहीं, बल्कि उनके माध्यम से मिलने वाले लाभ को वास्तविक रूप से उद्यमियों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि किसी भी नए उद्योग, परियोजना या स्टार्टअप को स्थापित करने और सफल बनाने के लिए सही जानकारी, विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी बेहद आवश्यक है। उद्यमियों को अपनी नई सोच, तकनीक, अनुभव और व्यावसायिक विचारों को धरातल पर उतारने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे आना चाहिए।
मशीनरी फाइनेंस और ग्रीन फाइनेंस की दी जानकारी
मुख्य अतिथि जयकुमार गुप्ता ने सीआईएस और सिडबी के बीच हुए समझौते को क्षेत्र में एमएसएमई विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सिडबी की डेवलपमेंट ऑफ इंडस्ट्री एसोसिएशंस (डीआईए) पहल के अंतर्गत यह साझेदारी औद्योगिक संगठनों की क्षमता बढ़ाने और एमएसएमई के संवर्द्धन, विकास तथा वित्तपोषण को प्रोत्साहित करने में सहायक होगी।
उन्होंने उद्यमियों को मशीनरी फाइनेंस, ग्रीन फाइनेंस, प्रोजेक्ट फाइनेंस, कार्यशील पूंजी और ओवरड्राफ्ट जैसी वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही डिजिटल क्रेडिट प्रक्रिया के माध्यम से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के बारे में बताया। उन्होंने उद्यमियों से अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुरूप उपलब्ध योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
स्टार्टअप और उद्यमिता पर भी हुआ मार्गदर्शन
मां शाकंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई. ने शिक्षा, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उद्योग क्षेत्र में सीआईएस के प्रयासों की सराहना की। विश्वविद्यालय फाउंडेशन के अभिनव पुंडीर ने स्टार्टअप की अवधारणा, पात्रता, आवश्यक मानदंडों और सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले संभावित लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान नए सदस्यों डॉ. मयंक सिंघल, डॉ. नवीन राजपूत, विकास मलिक, अश्वनी कुमार, इंद्रपाल खुराना, विजेंद्र त्रिपाठी और सर्वेश शर्मा को सदस्यता प्रमाणपत्र, कॉलर पिन, अंगवस्त्र और गुलाब की कली भेंट कर सम्मानित किया गया।
औद्योगिक समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
संस्था के संरक्षक एवं महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह ने सीआईएस के कार्यों की सराहना करते हुए संस्था के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संरक्षक अमर गुप्ता और चेयरमैन सरदार एच.एस. चड्ढा ने उद्यमियों की औद्योगिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला उद्योग बंधु और मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों में प्राथमिकता के आधार पर समस्याएं उठाने और उनकी पैरवी करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष बलजीत सिंह चावला ने किया, जबकि महासचिव अमित चौधरी ने संस्था की गतिविधियों की जानकारी दी। कोषाध्यक्ष नीरज मिड्ढा ने अतिथियों, पदाधिकारियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश माहेश्वरी, अपर महासचिव विजय वशिष्ठ, संयुक्त महासचिव रवि टंडन, संयुक्त कोषाध्यक्ष सक्षम बत्रा, चीफ कोऑर्डिनेटर संजय गुप्ता, उपाध्यक्ष गौरव जैन, डी.के. गुप्ता, सुधाकर अग्रवाल, मदन गोपाल अग्रवाल, विश्वजीत पुंडीर, आशीष मिगलानी, शरद भार्गव, निशा शर्मा, सुरेश बजाज, विजय मदान, दीपक अरोड़ा, अमरनाथ, प्रवीण गुप्ता, कमलेश अग्रवाल, आर.के. गुप्ता, सनी नागपाल, अनिल गुप्ता, सुनील सूरी, धीरज मिगलानी, ग्रीस मित्तल, सुषमा बजाज, रश्मि टेरेंस, संदीप कपूर, वैभव गर्ग, प्रवीण आहूजा, दिनेश सेठी, प्रवीण गाबा और शक्ति मिगलानी सहित बड़ी संख्या में सदस्य एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।








