शहरी चौपाल ब्यूरो
गंगोह (सहारनपुर)। गांव कल्लरहेड़ी में अरबीन चौहान की हत्या के मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने बुधवार को गंगोह कोतवाली पहुंचकर प्रदर्शन किया। मृतक की मां, परिवार की महिलाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कोतवाली परिसर में धरना देकर निष्पक्ष जांच तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

इस दौरान स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठियां भांजी। पुलिस की कार्रवाई के बाद कोतवाली परिसर में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों ने बाहर निकलकर हंगामा किया। घटना की जानकारी मिलने पर कैराना सांसद इकरा हसन, विधायक नाहिद हसन, कांग्रेस नेता एवं पूर्व नगर पालिका चेयरमैन नोमान मसूद समेत विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोग मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा तीन दिन के भीतर शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।

बुधवार को मृतक अरबीन की मां जुबैदा, बेटियां सुहाना, एक्सा और सिफा, बहनें मेहरुबा, शेरो, नूरजहां, मुदी और अफसाना तथा भाई अमजद सहित परिवार के अन्य सदस्य ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचे। परिजनों का कहना था कि हत्या के पांच दिन बाद भी सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष विवेचना की मांग की।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मृतक के परिवार के किसी सदस्य की जगह चौकीदार को मुकदमे का वादी बनाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हत्या में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियारों को लेकर पुलिस ने सही जानकारी सामने नहीं रखी और केवल लाठी-डंडे तथा पॉपुलर की लकड़ी का उल्लेख किया गया। इन्हीं मुद्दों को लेकर परिवार और ग्रामीण कोतवाली परिसर में धरने पर बैठ गए।

प्रदर्शन की सूचना पर सीओ शैलेंद्र प्रताप गौतम, कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार तथा नानौता और तीतरो थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठियां भांजीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने तथा मृतक के परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। पुलिस की कार्रवाई के बाद मौके पर तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मामले की जानकारी क्षेत्र में फैलने के बाद कोतवाली में लोगों की भीड़ जुटने लगी। कैराना सांसद इकरा हसन, विधायक नाहिद हसन, पूर्व नगर पालिका चेयरमैन नोमान मसूद, हमजा मसूद, सपा नेता धर्मवीर खटाना और भीम आर्मी के महताब अली अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई।
सांसद ने कहा, परिवार को न्याय दिलाने के लिए आए हैं
सांसद इकरा हसन ने अरबीन चौहान की हत्या को बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि अरबीन कारोबार करने के लिए कैराना से गंगोह आए थे। उनके परिवार में तीन छोटी बेटियां और एक नाबालिग बेटा है। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी लोग यहां पहुंचे हैं। सांसद के अनुसार, घटना से जुड़े वीडियो में अरबीन की मौत के बाद भी उन्हें पीटे जाने की बात सामने आती है, जो बेहद दर्दनाक है।

उन्होंने कहा कि नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने बताया कि पुलिस-प्रशासन ने दो से तीन दिन का समय मांगा है। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई तो लोग दोबारा बड़ी संख्या में धरने पर बैठेंगे। उन्होंने मुकदमे में मृतक के भाई को वादी बनाए जाने की मांग भी उठाई और कहा कि पुलिस ने इस पर सहमति जताई है। सांसद ने मामले में न्याय न मिलने पर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
विधायक ने गिरफ्तारी में देरी पर उठाए सवाल
विधायक नाहिद हसन ने कहा कि अरबीन चौहान की हत्या को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी कारण परिजन और स्थानीय लोग कोतवाली पहुंचे थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बाहर निकालने के दौरान पुलिस पर लाठीचार्ज करने और मृतक के भाइयों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता एवं पूर्व नगर पालिका चेयरमैन नोमान मसूद ने कहा कि पीड़ित परिवार और प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा लाठियां फटकारना उचित नहीं है। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि पुलिस द्वारा दी गई तीन दिन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी

टायर फैक्ट्री से उठे धुएं को लेकर हुआ था विवाद
गौरतलब है कि शनिवार देर रात गांव कल्लरहेड़ी में स्थित एक टायर फैक्ट्री से धुआं निकलने की बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दूसरे पक्ष के कई लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें अरबीन चौहान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मामले में 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी पुलिस हिरासत में उपचाराधीन बताया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच को लेकर परिजनों में नाराजगी बनी हुई है।








