शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। समाजवादी पार्टी के नेता टिंकू अरोड़ा ने कथित तौर पर लगातार हाउस अरेस्ट किए जाने के विरोध में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो माह से सहारनपुर में सपा नेताओं को अलग-अलग मौकों पर नजरबंद किया जा रहा है, जिससे वे राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ जनता के सुख-दुख में भी शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
टिंकू अरोड़ा ने बताया कि इससे पहले भी उन्हें करीब 10 दिन और पांच दिन तक हाउस अरेस्ट रखा गया था। उनके अनुसार, छह अक्टूबर 2026 की रात से उन्हें फिर नजरबंद किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें जनहित के कार्यों के लिए अधिकारियों से मिलने और सरकारी कार्यालयों तक जाने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
सपा नेता ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक बताते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्षी नेताओं को जनता के मुद्दे उठाने से नहीं रोका जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सपा कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर रोक लगाकर वर्ष 2027 के राजनीतिक माहौल को प्रभावित करना चाहती है।
टिंकू अरोड़ा ने कहा कि अधिकारियों से बातचीत के बाद अब वह हाउस अरेस्ट के खिलाफ उच्च न्यायालय में रिट दाखिल करेंगे। उन्होंने कहा कि जनहित की आवाज दबाने की कोशिशों का विरोध किया जाएगा। हालांकि, हाउस अरेस्ट के संबंध में पुलिस और प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।








