शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। गोपाल नगर, नुमाइश कैंप में सुपर क्लब रजिस्टर्ड की ओर से आयोजित 33वें रामलीला एवं दशहरा महोत्सव में लंका दहन की लीला का प्रभावशाली मंचन किया गया। शंकर सौदाई के निर्देशन में प्रस्तुत लीला में हनुमान जी के पराक्रम और रावण के दरबार में हुए तीखे संवादों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
मंचन में दिखाया गया कि अशोक वाटिका में माता सीता की खोज करते हुए पहुंचे हनुमान जी उन्हें प्रभु श्रीराम की अंगूठी देकर उनके आने का संदेश देते हैं। इसके बाद वाटिका में फल खाने और वृक्ष उजाड़ने पर राक्षसों से उनका युद्ध होता है। हनुमान जी जम्बूमाली और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर देते हैं। इसके बाद मेघनाद ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है।

रावण के दरबार में हनुमान जी निर्भीकता से उसे अधर्म का मार्ग छोड़कर माता सीता को सम्मानपूर्वक प्रभु श्रीराम के पास भेजने की सलाह देते हैं। हनुमान जी की बातों से क्रोधित रावण उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। बंधनमुक्त होने के बाद हनुमान जी जलती पूंछ से लंका के महलों में आग लगा देते हैं। स्वर्ण नगरी लंका के दहन का दृश्य देखकर दर्शकों ने उत्साह जताया।
हनुमान जी की भूमिका में अनुभव कत्याल, माता सीता के रूप में तनु शर्मा और रावण की भूमिका में नितिन खुराना ने प्रभावशाली अभिनय किया। मेघनाद की भूमिका गगन नागपाल ने निभाई। कार्यक्रम का संचालन क्लब महामंत्री अनिल रसवंत ने किया। अध्यक्ष राकेश सूरी सहित क्लब के सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभालीं। लंका दहन की लीला ने दर्शकों को सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया।









