शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्री आशुतोष रामलीला समिति की ओर से आयोजित 15वें श्री रामलीला एवं दशहरा महोत्सव में गुरुवार, 15 अक्टूबर को अशोक वाटिका और लंका दहन की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने शानदार अभिनय के माध्यम से भगवान श्रीराम की भक्ति, हनुमान जी के अदम्य साहस और रावण के अहंकार को जीवंत कर दिया। लंका दहन के रोमांचक दृश्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लायंस क्लब मयूर के जोन चेयरमैन राजीव सचदेवा और हैंड्स टू केयर के अध्यक्ष परम बत्रा उपस्थित रहे। विधायक राजीव गुम्बर ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
लीला का शुभारंभ सुग्रीव और बाली के युद्ध से हुआ। भगवान श्रीराम द्वारा बाली का वध करने और सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इसके बाद सुग्रीव के कहने पर हनुमान जी माता सीता की खोज में लंका के लिए रवाना हुए। भगवान श्रीराम ने उन्हें अपनी अंगूठी देकर माता सीता तक पहुंचाने का संदेश दिया। जामवंत ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों का स्मरण कराया, जिसके बाद उन्होंने समुद्र पार किया।
लंका पहुंचकर हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट की और उन्हें भगवान श्रीराम की अंगूठी देकर प्रभु का संदेश सुनाया। इसके बाद अशोक वाटिका को उजाड़ने और रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध करने का दृश्य दिखाया गया। मेघनाद ने हनुमान जी को ब्रह्मास्त्र से बांधकर रावण के दरबार में पहुंचाया। रावण के आदेश पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगाई गई, जिसके बाद उन्होंने पूरी लंका में आग लगाकर रावण की शक्ति को चुनौती दी। इन दृश्यों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
रामलीला में भगवान श्रीराम की भूमिका गौरव चानना, माता सीता की पूजा काला, लक्ष्मण की विनय दुग्गल, हनुमान जी की तरुण अरोड़ा, रावण की राजीव यादव, विभीषण की अभिनय, सुग्रीव की सन्नी भाटिया, बाली की शिवम कक्कड़, जामवंत की सहज सिंह, अक्षय कुमार की जतिन दुआ, अंगद की ईश सलूजा और मेघनाद की भूमिका अभिषेक ने निभाई। सभी कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया। लीला का निर्देशन जय कालरा ने किया।
बच्चों के लिए रामलीला से संबंधित प्रश्नमंच का आयोजन भी किया गया। सही उत्तर देने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों को रामायण के प्रसंगों और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष गौरव चौधरी, महामंत्री राकेश छाबड़ा, कोषाध्यक्ष गौरव पुरी, मुख्य संयोजक संजय भसीन, प्रबंधक विनय दुग्गल, दशहरा प्रधान नरेश कुमार, प्रभु श्रीराम के सारथी संजीव टंडन, स्वागताध्यक्ष डॉ. एमपी सिंह चावला, श्रीरामलीला प्रबंधक अमित वत्ता, विजय कुमार, राकेश राणा, अमन भाटिया, राघव सेठ, राजा छाबड़ा, दीक्षित छाबड़ा, मनीष कालरा, संजय आनंद, आनंद भाटिया, राजेंद्र महेंद्रा, शिवम महेंद्रा, गौरव चौहान कुमार, विकास कुमार, लकी भंडारी, सिद्धार्थ पुरी, शिवम ग्रोवर और हरीश ढंग सहित अन्य अतिथि एवं समिति सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन रवि बख्शी और अमित वत्ता ने किया।










