शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों, मतदेय स्थलों के समायोजन और पुनरीक्षण की समय-सारिणी की जानकारी दी गई। मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 जनवरी 2027 को किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक मतदेय स्थल पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 निर्धारित की गई है। मतदाताओं की सुविधा के लिए इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि किसी को अपने मतदेय स्थल तक पहुंचने के लिए दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े। सभी मतदेय स्थल भूतल पर बनाए जाने पर भी जोर दिया गया। प्रस्तावित मतदेय स्थलों में बदलाव और समायोजन को लेकर राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे गए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से प्रत्येक मतदेय स्थल पर बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बीएलए अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के साथ समन्वय बनाकर पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करें। पुनरीक्षण के दौरान किसी बीएलए की ओर से 30 से अधिक आवेदन दिए जाने पर संबंधित ईआरओ या एईआरओ उनका सत्यापन करेंगे।
यह रहेगा पुनरीक्षण कार्यक्रम
निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों के संभाजन की कार्रवाई 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 12 नवंबर को होगा। इसके बाद 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।
इन प्रारूपों से कर सकेंगे आवेदन
मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए प्रारूप-6 और प्रवासी मतदाताओं के लिए प्रारूप-6क निर्धारित है। नाम हटाने अथवा किसी नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रारूप-7 का उपयोग होगा। निवास परिवर्तन, नाम-पते में संशोधन, मतदाता पहचान पत्र (ईपीक) बदलवाने और दिव्यांग चिह्नांकन के लिए प्रारूप-8 निर्धारित किया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम रूप से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने 18 से 19 वर्ष के युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगजनों और कमजोर वर्गों के पात्र नागरिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने में राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा।
पुनरीक्षण अवधि में राजनीतिक दलों के साथ साप्ताहिक बैठकें होंगी और प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की मुद्रित सूचियां उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रारूप और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की दो-दो प्रतियां निःशुल्क दी जाएंगी। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी लवी त्रिपाठी, नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, संबंधित उप जिलाधिकारी, जिला सूचना अधिकारी तथा भाजपा, कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी और अपना दल एस के प्रतिनिधि मौजूद रहे।








