शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर जिला व्यापार मंडल, सहारनपुर की बैठक रेलवे रोड स्थित जिला मुख्यालय कार्यालय पर आयोजित की गई। बैठक में अन्न के महत्व, खाद्य सुरक्षा, कुपोषण और भोजन की बर्बादी रोकने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन तथा जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि अन्न जीवन का आधार है और इसकी बर्बादी रोकना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
शीतल टंडन ने कहा कि दुनिया में आज भी करोड़ों लोग भूख और कुपोषण से जूझ रहे हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी मात्रा में भोजन बर्बाद हो जाता है। शादी-ब्याह, होटलों और सामाजिक कार्यक्रमों में जरूरत से अधिक भोजन तैयार करने तथा उसे फेंकने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी थाली में उतना ही भोजन लेना चाहिए, जितनी आवश्यकता हो। बचा हुआ भोजन किसी जरूरतमंद की भूख मिटाने में काम आ सकता है।
उन्होंने कहा कि अन्नदान केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है। समाज के सक्षम लोगों को जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने के लिए आगे आना चाहिए। साथ ही अन्न के प्रत्येक दाने का महत्व समझते हुए खाद्य पदार्थों की बर्बादी रोकने का संकल्प लेना चाहिए।

जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा ने कहा कि विश्व खाद्य दिवस का उद्देश्य दुनिया से भूख मिटाने, खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सभी लोगों को पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर किसानों के योगदान पर चर्चा करते हुए शीतल टंडन ने कहा कि किसान कठिन परिश्रम से अनाज पैदा करते हैं, जबकि व्यापारी उसे बाजार के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाते हैं। किसान और व्यापारी एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों के सहयोग से देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
बैठक में विश्व खाद्य दिवस के इतिहास और महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। व्यापार मंडल ने आह्वान किया कि अन्न की बर्बादी रोकने, जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने और किसानों की मेहनत का सम्मान करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं। बैठक में जिलाध्यक्ष शीतल टंडन, जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एसके सूरी, पवन कुमार गोयल, रमेश डावर, संदीप सिंघल, संजय महेश्वरी, मुरली खन्ना और अशोक मलिक सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।









