शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मेरठ-सहारनपुर खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी प्रमेन्द्र सिंह भाटी एडवोकेट ने भाजपा पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा समर्थित स्नातक प्रत्याशी एवं एमएलसी दिनेश कुमार गोयल पर मतदाता सूची तैयार कराने में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। ये आरोप सपा प्रत्याशी ने शनिवार को जिला कार्यालय पर पत्रकार वार्ता के दौरान लगाए।
प्रमेन्द्र भाटी ने कहा कि निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम 31 के उल्लंघन की शिकायत भारत निर्वाचन आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग से की गई है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सपा प्रत्याशी ने दावा किया कि मेरठ-सहारनपुर खंड स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए 29 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया हुई, जबकि मतदाता सूची 14 अक्टूबर को उपलब्ध कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय से प्राप्त डाटा का गलत इस्तेमाल कर स्नातक मतदाता बनवाए गए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सपा जिलाध्यक्ष चौधरी अब्दुल वाहिद ने कहा कि सहारनपुर जिले की मतदाता सूची में भी गड़बड़ियों की शिकायतें मिली हैं। उनके अनुसार, एक ब्लॉक के मतदाताओं के नाम दूसरे ब्लॉक में दर्ज होने से मतदान के दौरान परेशानी हो सकती है। उन्होंने सूची का सत्यापन कर त्रुटियां दूर कराने की मांग की।
विधायक उमर अली खान ने भी भाजपा सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता जागरूक है और चुनाव में इसका जवाब देगी।
पत्रकार वार्ता में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भाटी, मजाहीर राणा, विनोद तेजयान, महानगर अध्यक्ष हाजी नवाब अंसारी, वासिल तोमर, सलीम अख्तर, ममता चौधरी, अभिषेक अरोड़ा टिंकू, इंजीनियर विजेश कुमार शर्मा, हसीन कुरैशी, मजहबी खान, संदीप चौधरी, जमाल साबरी, स्वराज सिंह, मुस्तकीम राणा और रतन सिंह यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।








