गय्यूर मलिक
बेहट (सहारनपुर)। शिवालिक वन प्रभाग की शाकंभरी वन रेंज की कलसिया बीट के गांव तिवड़ा जुनारदार में एक फार्म से सागवान के पेड़ों का कथित तौर पर बिना अनुमति रात के अंधेरे में कटान किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, मामले में वनकर्मियों की कथित मिलीभगत की चर्चाएं भी हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि गांव तिवड़ा जुनारदार स्थित फार्म में सागवान के पेड़ों को काटा गया। इस मामले में गांव चिम्माबांस और रंडौल के कुछ लकड़ी ठेकेदारों के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, कटान में उनकी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
वन विभाग की जिम्मेदारी वन संपदा की सुरक्षा करने और अवैध कटान पर निगरानी रखने की है। ऐसे में यदि बिना अनुमति पेड़ों का कटान हुआ है, तो यह विभागीय निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हरे पेड़ों का अवैध कटान पर्यावरण के लिए नुकसानदेह होने के साथ विभाग को राजस्व की क्षति भी पहुंचा सकता है।
अब मामले में वन विभाग की जांच और कार्रवाई पर नजर है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पेड़ों के कटान की अनुमति ली गई थी या नहीं और इस मामले में किन लोगों की भूमिका रही है।








