शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें जनपद के करीब 100 किसानों ने भाग लेकर कृषि, गन्ना, विद्युत, लोक निर्माण और उद्यान विभाग से संबंधित समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि जनपद में डीएपी और यूरिया का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सहकारी समितियों के माध्यम से भी किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने किसानों से बीज, खाद और कीटनाशक खरीदते समय पक्का बिल लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिल होने से किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
कृषि विभाग के कृषि निवेश केंद्रों पर किसानों को बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गेहूं, सरसों और दलहन के बीजों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान की व्यवस्था है। किसान कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर बीज प्राप्त कर सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र सहारनपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. बिरेन्द्र कुमार वर्मा ने किसानों को रबी फसलों की समय से बुवाई करने और अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत प्रजातियों का चयन करने की सलाह दी। उन्होंने सरसों की बेहतर पैदावार के लिए सल्फरयुक्त उर्वरकों के प्रयोग, उपयुक्त परिस्थितियों में डीएपी के स्थान पर सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) के इस्तेमाल तथा फसल में विरलीकरण के महत्व की जानकारी दी।
प्रगतिशील महिला कृषक सुभावरी चौहान ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आम, अमरूद, जामुन, गेहूं और सरसों के उत्पादों को स्वयं बाजार में बेचकर अच्छा मूल्य प्राप्त किया जा रहा है। उन्होंने किसानों की सुविधा के लिए जनपद में ड्रोन और फेरोमोन ट्रैप जैसी आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
जिलाधिकारी ने किसानों से फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से कराने की अपील करते हुए कहा कि इससे सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। किसान दिवस में लोक निर्माण और विद्युत विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा को निर्देश दिए कि आगामी किसान दिवस में संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उनकी शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी और किसान मौजूद रहे।








