प्रमोद शर्मा
छुटमलपुर। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए निशाना साधा। प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना और भंडारे के आयोजन से पहले आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के एक मंत्री के पति पर 210 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। उनके अनुसार, पति-पत्नी के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के दौरान यह मामला सामने आया है।
अंकिता भंडारी प्रकरण का जिक्र करते हुए हरीश रावत ने मामले की जांच और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने इस प्रकरण से जुड़े एक आरोपी को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर सिक्किम में कई संगठनों ने बंद का ऐलान किया है। रावत ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर उत्तराखंड में जल्द ही बड़ा आंदोलन करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में प्रदेश की जनता को गुमराह किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब बदलाव की मांग उठ रही है और कांग्रेस जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करेगी। उन्होंने आने वाले समय में कांग्रेस की भूमिका को लेकर भी अपना विश्वास जताया।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने को लेकर भी हरीश रावत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की महत्वपूर्ण पहचान है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे अपेक्षित महत्व नहीं दिया। उन्होंने सरकार के कार्यकाल के अंतिम दौर में केवल दो दिन का विधानसभा सत्र बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
रावत ने आरोप लगाया कि सरकार लंबा विधानसभा सत्र चलाने से बच रही है। उनके मुताबिक, विस्तृत सत्र आयोजित होने पर पिछले दस वर्षों के कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र जनता से जुड़े सवालों पर चर्चा करने और सरकार से जवाब मांगने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इससे पहले डाट काली मंदिर परिसर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत का स्वागत किया। इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी ओबीसी के राष्ट्रीय महासचिव मुजतबा एडवोकेट, जसवीर रावत, मनीष नागपाल, संजय बर्गली, चंदन जीना, राजेश वालिया, ओमप्रकाश सती, श्याम सिंह चौहान, मनोज चौधरी और फजल मिर्जा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।








