मनोज मिड्ढा
सहारनपुर। करवा चौथ और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार नजदीक आते ही शहर के बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। इसके साथ ही अतिक्रमण और जाम की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। एक ओर दुकानदारों ने दुकानों का सामान सड़क और फुटपाथ तक फैला रखा है, वहीं दूसरी ओर बाजारों में दौड़ते ई-रिक्शा आवागमन को और मुश्किल बना रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नगर निगम और यातायात विभाग मिलकर त्योहारों से पहले शहरवासियों को जाम से राहत नहीं दिला सकते?
शहर के कोर्ट रोड, घंटाघर, नेहरू मार्केट, नया बाजार, चौक फव्वारा, मोरगंज, कक्कड़गंज, पंसारी बाजार, नखासा बाजार, शहीदगंज, दाल मंडी पुल, हिरण मारान, अंसारी बाजार और रायवाला बाजार में अतिक्रमण की समस्या लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। इन बाजारों में खरीदारी के लिए शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। दुकानों के बाहर सामान रखे होने से सड़कें संकरी हो जाती हैं और पैदल चलने वालों तक के लिए रास्ता निकालना मुश्किल हो जाता है।

इस समस्या में ई-रिक्शाओं की आवाजाही भी जाम को बढ़ा रही है। संकरी बाजारों में दुकानों के बाहर फैला सामान और बीच सड़क पर चलते या रुकते ई-रिक्शा मिलकर यातायात की रफ्तार थाम देते हैं। त्योहारों के दिनों में भीड़ बढ़ने के साथ यह परेशानी और बढ़ सकती है।
नगर निगम और एसपी ट्रैफिक चाहें तो मिल सकती है राहत
शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम के अतिक्रमण प्रभारी को प्रमुख बाजारों का निरीक्षण कर दुकानों के बाहर सड़क और फुटपाथ पर रखा सामान हटवाना चाहिए। व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित किया जाए कि दुकानदार निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान रखें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई भी जरूरी है।
वहीं, एसपी ट्रैफिक सहारनपुर त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था में जरूरी बदलाव कर मुख्य बाजारों में ई-रिक्शाओं के प्रवेश पर समयबद्ध प्रतिबंध लगाने पर विचार कर सकते हैं। बाजारों के बाहर निर्धारित स्थानों पर ई-रिक्शाओं के ठहराव और सवारी उतारने-चढ़ाने की व्यवस्था की जाए, ताकि खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को जाम में न फंसना पड़े।
नगर निगम और यातायात विभाग आपसी समन्वय से कदम उठाएं तो शहरवासियों को काफी हद तक राहत मिल सकती है। त्योहारों से पहले अतिक्रमण हटाने और ई-रिक्शाओं की आवाजाही व्यवस्थित करने की जरूरत है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग समय रहते कदम उठाते हैं या लोगों को हर साल की तरह इस बार भी जाम से जूझना पड़ेगा।








