प्रमोद कुमार शर्मा
छुटमलपुर (सहारनपुर)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य हरीश रावत ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाजा बनाए जाने और टोल वसूली को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि करीब 190 किलोमीटर की बॉर्डर-टू-बॉर्डर दूरी में पांच टोल प्लाजा आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। इस मार्ग पर अधिकतम तीन टोल प्लाजा होने चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से मामले में जल्द संज्ञान लेने की मांग की।
शुक्रवार को देहरादून से दिल्ली जाते समय हरीश रावत छुटमलपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय महासचिव मुजतबा एडवोकेट के आवास पर पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली और देहरादून को एक्सप्रेसवे से जोड़ना अच्छी पहल है और लोगों को इसका लाभ मिलना चाहिए, लेकिन अधिक टोल वसूली के कारण कई लोग एक्सप्रेसवे के बजाय पुराने मार्ग से सफर करना पसंद कर रहे हैं।
दो-तीन साल में निर्माण लागत वसूलने पर उठाया सवाल
हरीश रावत ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर पांच टोल प्लाजा होने से यात्रियों का खर्च बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एनएचएआई दो-तीन साल में ही निर्माण की पूरी लागत वसूल करना चाहता है। उन्होंने कहा कि टोल वसूली का आर्थिक बोझ कम किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को एक्सप्रेसवे का वास्तविक लाभ मिल सके।
एक नवंबर को दिल्ली में होगी ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली
कांग्रेस नेता ने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ विशाल राष्ट्रीय रैली आयोजित की जाएगी। इसमें गठबंधन के सहयोगी दल संयुक्त रूप से भाग लेंगे। उन्होंने दावा किया कि रैली के माध्यम से जनता को अपने मताधिकार की रक्षा का संदेश दिया जाएगा।
हरीश रावत ने कहा कि नागरिक अपने मताधिकार की चोरी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने रैली को भाजपा सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष बताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार जनविरोधी नीतियां अपना रही है।
रेखा आर्य से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई उत्तराखंड की जनता के सामने आ सके। उन्होंने कहा कि फिलहाल ये आरोप हैं और उनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
इस अवसर पर अब्दुल हसीब, मनोज चौधरी, नासिर प्रधान, प्रधान फरमान मलिक, लल्ला ठेकेदार, याहिया मलिक, नौशाद अली, कुद्दुस मलिक, राव यूसुफ, अरविंद कांबोज, रामबीर सिंह, पदम सिंह, महबूब तलहेड़ी, कारी आबिद, डॉ. बिलाल चौहान, अजीम मलिक, हाजी छोटा, अरशद मलिक, परवेज मलिक, अदीब मलिक, असजद मलिक, नासिर सैफी, फैसल मिर्जा, धर्मेंद्र चौधरी, इस्लाम अली, फजल मिर्जा, जुल्फकार मलिक और प्रवीण चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।








