शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। रेलवे पेंशनर्स समाज के तत्वावधान में आयोजित मासिक मिलन बैठक में पेंशनर्स को बैंकिंग सुविधाओं, बचत एवं ऋण योजनाओं और साइबर धोखाधड़ी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने पेंशनर्स को बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखने के प्रति जागरूक किया। इस दौरान सभी पेंशनर्स से 30 नवंबर तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अपील भी की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य शाखा प्रबंधक राजेश कुमार और संस्था अध्यक्ष ने दीप प्रज्वलित कर किया। संस्था की ओर से मुख्य अतिथि को पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य शाखा प्रबंधक राजेश कुमार ने पेंशनर्स को बैंक की विभिन्न सुविधाओं, बचत एवं ऋण योजनाओं, जीवन बीमा कवर और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की जानकारी दी। उन्होंने सलाह दी कि सभी पेंशनर्स अपने बैंक खातों में नामित व्यक्ति का नाम अवश्य दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि बैंक खाते में चार नामित व्यक्ति भी दर्ज कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही बैंक खातों में आधार और पैन कार्ड लिंक कराने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि पेंशनर्स 30 नवंबर तक संबंधित बैंक शाखा में अपना जीवन प्रमाण पत्र अवश्य जमा कर दें, ताकि पेंशन जारी रहने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी।
एसबीआई के सीनियर मैनेजर नवनीत ने साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों के बारे में बताते हुए पेंशनर्स को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान व्यक्तियों के फोन कॉल या उनके द्वारा भेजे गए लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी लालच या दबाव में आकर बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां साझा न करें।
संस्था के महामंत्री एनएस चौहान ने बताया कि रेलवे पेंशन अदालत का आयोजन 15 दिसंबर को अंबाला मंडल कार्यालय में किया जाएगा। इसके लिए पेंशनर्स अपने मामले 30 अक्टूबर तक भेज सकते हैं। संस्था के मंत्री देवेंद्र कुमार ने बैठक में पेंशनर्स के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट भी जमा कराए।
इस अवसर पर आर. ढींगरा, विनोद त्यागी, वीके शर्मा, अरविंद शर्मा, स्वतंत्र भारद्वाज, विजय त्यागी, विजय तलवार, वेद प्रकाश, इकबाल अजीम, नरेश कुमार और विनोद बंसल सहित अनेक पेंशनर्स मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएन शर्मा ने की तथा संचालन मूलचंद रंगरा ने किया।








