शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। दिल्ली रोड स्थित सेंट्रल पार्क कॉलोनी के निवासी पिछले करीब 15 वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कॉलोनी स्वीकृत होने के बावजूद यहां पार्कों का विकास, नालियों का निर्माण और सड़कों की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) की लापरवाही और नगर निगम की ओर से विकास कार्य नहीं कराए जाने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में विकास कार्य आज भी कागजों तक सीमित नजर आते हैं।
कॉलोनीवासियों के मुताबिक, जब वे अपनी समस्याएं लेकर नगर निगम पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सहारनपुर विकास प्राधिकरण की ओर से कॉलोनी नगर निगम को हस्तांतरित नहीं की गई है। इसी कारण नगर निगम वहां विकास कार्य कराने में असमर्थता जताता है। दूसरी ओर, निवासियों का कहना है कि उनसे नगर निगम का टैक्स लगातार लिया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद आवश्यक नागरिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ऐसे में लोगों ने सवाल उठाया है कि जब उनसे टैक्स लिया जा रहा है तो कॉलोनी में विकास कार्य कब कराए जाएंगे।
कॉलोनी के पार्कों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। निवासियों के अनुसार, पार्कों में अब तक अपेक्षित विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। वहां बच्चों के खेलने के लिए झूले उपलब्ध नहीं हैं और न ही पर्याप्त हरियाली विकसित की गई है। उचित रखरखाव के अभाव में पार्कों का उपयोग भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, लेकिन कॉलोनी के पार्कों की दशा सुधारने के लिए ठोस पहल नहीं की जा रही है।
नालियों की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है। निवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर पानी घरों और सड़कों के आसपास जमा हो जाता है। इससे आवागमन में परेशानी होती है और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था के बिना स्वच्छता बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि हाल ही में कॉलोनाइजर की ओर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित कराया गया था, लेकिन आरोप है कि यह प्लांट केवल दो महीने ही चल पाया और इसके बाद ध्वस्त हो गया। निवासियों ने प्लांट की कार्यप्रणाली और मौजूदा स्थिति की जांच कराने के साथ सीवेज व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीवेज निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं होने से गंदगी और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
समस्याओं से परेशान कॉलोनीवासियों ने सहारनपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर विकास कार्य कराने की मांग की है। इसके साथ ही महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह को भी ज्ञापन दिया गया है। निवासियों ने पार्कों का सौंदर्यीकरण कराने, नालियों का निर्माण कराने, सड़कों की स्थिति सुधारने और सीवेज व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई है।
कॉलोनीवासियों का कहना है कि करीब 15 वर्ष बीतने के बाद भी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर कॉलोनी को नगर निगम को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया स्पष्ट करने और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने की मांग की है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।








