शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने के उद्देश्य से अंबाला रोड स्थित सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें राज्य स्तरीय प्रशिक्षक ओमपाल आर्य ने आभा नंबर, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) और हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षण दिया।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को अधिक से अधिक आभा आधारित पंजीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तीन प्रमुख स्तंभ आभा, एचपीआर और एचएफआर हैं। इनके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को सुरक्षित, सुलभ और डिजिटल बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन करके ओपीडी पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है। इससे मरीजों को सुविधा मिलेगी और वे अपने स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को सुरक्षित रख सकेंगे।
इस अवसर पर मंडलायुक्त ने पांच सरकारी और दो निजी अस्पतालों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। अपर निदेशक डॉ. लोकेश गुप्ता ने प्रतिभागी अस्पतालों की शंकाओं का समाधान किया और सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों से एबीडीएम को पूरी तरह लागू करने का आह्वान किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर सिंह कक्कड़ ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाया जाना है। कार्यक्रम का संचालन एबीडीएम के नोडल अधिकारी डॉ. सूर्यप्रकाश गंगवार ने किया।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. धर्मवीर सिंह, प्रमुख अधीक्षक डॉ. रविप्रकाश, आईएमए से डॉ. डीके गुप्ता, डॉ. अनुपम मलिक, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. जयपाल चंद, डॉ. संजय यादव सहित विभिन्न ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक तथा आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध निजी चिकित्सालयों के चिकित्सक एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।








