शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर में नवाचार, तकनीकी अनुसंधान और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। महापौर डॉ. अजय कुमार के प्रयासों से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की के सहारनपुर परिसर और मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से क्षेत्र में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलने के साथ विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में आईआईटी रुड़की के सहारनपुर परिसर की कुलशासक प्रो. मिली पंत और एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिनव पुंडीर ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. विमला वाई., कुलसचिव कमल कृष्ण, आईआईटी रुड़की के डॉ. अनुराग कुलश्रेष्ठ और सतीश कंडवाल मौजूद रहे।
इस समझौते को साकार करने में महापौर डॉ. अजय कुमार की अहम भूमिका रही। वह एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन के स्वतंत्र निदेशक भी हैं। उनके प्रयासों से दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और तकनीकी विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
समझौते के तहत अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी नवाचार, प्रोटोटाइप निर्माण, स्टार्टअप के मार्गदर्शन एवं इनक्यूबेशन, तकनीक के व्यावसायीकरण, विद्यार्थियों की परियोजनाओं और इंटर्नशिप जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। इसके अलावा उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं के तकनीकी समाधान तलाशने पर भी जोर रहेगा। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उन्हें संभावित उद्यमों में बदलने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. विमला वाई. ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है। आईआईटी रुड़की जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ सहयोग विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों को नए विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इससे सहारनपुर में ज्ञान आधारित विकास और नवाचार की संस्कृति मजबूत होगी।
मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित अम्बिका इन्क्यूबेशन सेंटर का संचालन एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन करता है। यह उत्तर प्रदेश सरकार के स्टार्टइनयूपी कार्यक्रम के तहत मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन सेंटर है। इस समझौते से सहारनपुर में शिक्षा, अनुसंधान और स्टार्टअप विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय युवाओं को तकनीकी विशेषज्ञता, मार्गदर्शन और उद्यमिता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।








