सहारनपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर पर बवाल: पार्षदों ने उठाई आवाज, जल्द समाधान का आश्वासन

सहारनपुर में प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ी परेशानी पर पार्षदों ने अधीक्षण अभियंता से मुलाकात की। अभिषेक टिंकू अरोड़ा के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की गई, विभाग ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर ।  प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर जनता की बढ़ती समस्याओं के बीच अब जनप्रतिनिधियों ने भी मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता और पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा के नेतृत्व में सर्वदलीय पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल अधीक्षण अभियंता आर.एस. वर्मा से मिला और स्मार्ट मीटर से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नगर के अधिकांश क्षेत्रों में लगाए गए प्रीपेड स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि कई मामलों में मात्र 200 से 300 रुपये का बैलेंस होने के बावजूद अचानक बिजली कट जा रही है। इससे आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर उन परिवारों को जो सीमित आय में अपना गुजारा करते हैं।

अभिषेक टिंकू अरोड़ा ने अधीक्षण अभियंता को दिए ज्ञापन में कहा कि जब उपभोक्ता बिजली विभाग में संपर्क कर रिचार्ज कराते हैं, तब भी कई बार 1 से 2 दिन तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग के निचले स्तर के अधिकारी उपभोक्ताओं को 2 से 3 हजार रुपये एडवांस में जमा कराने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह संभव नहीं है कि वे पहले से इतनी बड़ी राशि जमा करें। पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि यह व्यवस्था आम जनता के हित में नहीं है और इसे तत्काल सुधारा जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर को हटाकर पुराने पोस्टपेड मीटर फिर से लगाए जाएं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। उनका कहना है कि पुरानी व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक थी, जबकि वर्तमान प्रणाली में तकनीकी खामियों और प्रबंधन की कमी के कारण समस्याएं बढ़ रही हैं।

इस पूरे मामले पर अधीक्षण अभियंता आर.एस. वर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि आईआईटी के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम इस पूरे सिस्टम की जांच कर रही है और जल्द ही तकनीकी खामियों को दूर कर समाधान निकाला जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जल्द ही एक व्यवस्थित समाधान लागू किया जाएगा, जिससे बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में पार्षद नदीम अंसारी, इमरान सैफी, नितिन जाटव, राजीव अन्नू, फराज अंसारी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा जनआंदोलन भी किया जा सकता है।

वर्तमान स्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर योजना को लागू करने से पहले जमीनी स्तर पर पर्याप्त तैयारी और तकनीकी मजबूती जरूरी है। अन्यथा, यह योजना लोगों के लिए राहत की बजाय परेशानी का कारण बन सकती है।

फिलहाल, अब सभी की नजरें बिजली विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या का समाधान कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से करता है।

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