अयोध्या। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित दसवें भव्य दीपोत्सव में आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सरयू तट के समीप उस समय पूरा वातावरण राममय हो गया, जब पुष्पक विमान के प्रतीक के रूप में हेलीकॉप्टर से प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूप उतरे। उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथ जोड़कर खड़े रहे। प्रभु श्रीराम के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्रीराम के स्वरूप का तिलक लगाकर और माला पहनाकर अभिनंदन किया। इस दौरान श्रद्धालुओं में अपने आराध्य के दर्शन करने को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। हाथों में पुष्प, जुबां पर रामनाम और चारों ओर भक्ति का वातावरण दीपोत्सव की भव्यता को और खास बना रहा था।
इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों को सुसज्जित रथ पर विराजमान कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संतों के साथ आगे बढ़कर अपने हाथों से रामरथ खींचा। इस दौरान आकाश से पुष्पवर्षा की गई। फूलों से सजे रथ और उस पर बरसते पुष्पों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भजनों की मधुर धुन, शंखनाद और जय श्रीराम के नारों से रामकथा पार्क सहित आसपास का पूरा क्षेत्र रामभक्ति में सराबोर नजर आया।
रामरथ यात्रा के रामकथा पार्क पहुंचने पर प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी के स्वरूपों को सुसज्जित मंच पर विराजमान कराया गया। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित संत-महात्माओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू तट पर मां सरयू की आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना भी की।
30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाए 56 घाट
दीपोत्सव के अवसर पर सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों को 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपों से रोशन किया गया। सूर्यास्त के बाद जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित हुए, पूरी रामनगरी रोशनी से नहा उठी। राम की पैड़ी, सरयू घाट और रामकथा पार्क सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आकर्षक सजावट की गई थी। दीपों की कतारों ने अयोध्या की सुंदरता में चार चांद लगा दिए।
वर्ष 2017 में लगभग 1.71 लाख दीपों से शुरू हुआ दीपोत्सव अब अपने दसवें आयोजन तक पहुंचते-पहुंचते विशाल सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव का रूप ले चुका है। हर वर्ष बढ़ती दीपों की संख्या के साथ इस आयोजन ने देश-विदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में सजा दीपोत्सव का मंच
दसवें दीपोत्सव समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से भारतीय परंपरा और अयोध्या की आध्यात्मिक विरासत को प्रदर्शित किया गया।
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या का दृश्य श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना रहा। लाखों दीपों की रोशनी, पुष्पवर्षा, रामरथ यात्रा और श्रद्धालुओं के जय श्रीराम के उद्घोष ने रामनगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया। दसवें दीपोत्सव ने एक बार फिर अयोध्या की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।








