शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में कर्मचारियों ने वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग प्रमुखता से उठाई। दिल्ली रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित समारोह में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग वे लगातार उठा रहे हैं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। उन्होंने कहा कि संविदा व्यवस्था कर्मचारियों के हित में नहीं है और इसे समाप्त किया जाना चाहिए। कर्मचारियों द्वारा रखी गई समस्याओं के समाधान के लिए वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर उचित कार्रवाई का प्रयास करेंगे। विधायक शाहनवाज खान ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके नियमितीकरण के लिए प्रदेश सरकार से मांग करने का आश्वासन दिया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2004 से एड्स नियंत्रण कार्यक्रम मात्र 1620 कर्मचारियों के सहयोग से संचालित हो रहा है, जिससे प्रदेश के लगभग 1.50 लाख मरीज लाभान्वित हो रहे हैं। इसके बावजूद कर्मचारियों को वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली के आधार पर संविदा विस्तार और सेवा समाप्ति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि गोरखपुर की समीक्षा बौधरी, कौशांबी के सुरेश गुप्ता, सिद्धार्थनगर के अरुण त्रिपाठी सहित कई कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है, जबकि देवरिया एआरटी केंद्र के कर्मचारियों के वार्षिक इंक्रीमेंट भी रोक दिए गए हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने सांसद और विधायक से मुलाकात कर मूल्यांकन प्रणाली समाप्त करने और नियमितीकरण की मांग की थी, जिस पर जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर संस्तुति करने का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम में प्रदेशाध्यक्ष पंकज कुमार श्रीवास्तव, प्रदेश महामंत्री नरेन्द्र कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविन्द मिश्रा, प्रदेश कार्यालय मंत्री प्रवेश कुमार, मुख्य सलाहकार ब्रजेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष नाथीराम सहित सहारनपुर मंडल के अनेक कर्मचारी एवं पदाधिकारी मौजूदरहे।








