शहरी चौपाल ब्यूरो
बेहट। तहसील सभागार में उपखनिज खनन पट्टे को लेकर जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों, किसानों, मजदूरों तथा खनन से जुड़े कारोबारियों ने भाग लेकर अपने सुझाव और विचार प्रस्तुत किए। जनसुनवाई के दौरान किसी भी ग्रामीण द्वारा लिखित आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई, जबकि मौखिक रूप से कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए।
शुक्रवार को आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल ने की। जनसुनवाई ग्राम शेरपुर पेलो के निकट बह रही नदी क्षेत्र में प्रस्तावित खनन पट्टे के संबंध में आयोजित की गई। इस क्षेत्र में गाटा संख्या 403, 404/1, 405, 406/1, 416/2, 421/1, 422/2, 423/2, 424/2, 429 और 431 में कुल 6.475 हेक्टेयर भूमि पर सैंड, बजरी और बोल्डर के खनन के लिए प्रति वर्ष 77 हजार घन मीटर खनन प्रस्तावित है।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि खनन कार्य में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाए, खनन क्षेत्र में सुरक्षा के लिए बांध बनाए जाएं तथा खनन से प्रभावित मार्गों को पक्का कराया जाए और कच्चे रास्तों की समय-समय पर मरम्मत कराई जाए। इसके साथ ही खनन मार्गों पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव करने की मांग भी उठाई गई ताकि धूल से लोगों को होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि खनन कार्य के दौरान उनकी फसलों को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इसके अलावा स्कूल के समय खनन कार्य बंद रखने और क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की गई ताकि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि यदि खनन पट्टा आवंटित होता है तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और सभी आवश्यक पर्यावरणीय एवं सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। जनसुनवाई के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने हाथ उठाकर खनन पट्टे के समर्थन में अपनी सहमति भी जताई।
इस अवसर पर तहसीलदार विजय कुमार सिंह, क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी डॉक्टर योगेंद्र कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता प्रदूषण विभाग, खान अधिकारी, वकील अहमद, ग्राम प्रतिनिधि मोहम्मद साजिद के अलावा मेहताब और जाहिद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।








