शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सहारनपुर के गंगोह रोड स्थित चंद्र विहार कॉलोनी में संचालित नेत्रहीन एवं विकलांग कल्याण शिक्षण संस्थान में वार्षिक परीक्षा परिणाम वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नेत्रहीन विद्यार्थियों की प्रतिभा और परिश्रम को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया गया, जिससे पूरे आयोजन का माहौल प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के संरक्षक संजय शर्मा, सुषमा मोहिनी, हिमांशु, कमल श्रीवास्तव, संदीप रावत, राजकुमार त्यागी एवं चिंटू त्यागी सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि नेत्रहीन और दिव्यांग विद्यार्थी अपनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद जिस तरह से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, वह समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि इन छात्रों ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर यह सिद्ध कर दिया है कि शारीरिक बाधाएं सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकतीं।
संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष संजय शर्मा एवं अन्य अतिथियों ने अपने संबोधन में बताया कि संस्थान के कई छात्र बैंक, रेलवे और स्टाफ सिलेक्शन कमीशन जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मंच पर सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले अनुज, शौर्य, शिवम, केशव, अतुल, अंगद, निरल और आशीष सैनी सहित कई छात्रों को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यार्थियों को शिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
अध्यापक शिवम, टीनू, सोनू कुमार, पवन, राहुल, धर्मपाल तिवारी और सनी यादव को उनके योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने छात्रों और शिक्षकों दोनों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर संजय शेरवाल, सनी, रेशमा, श्रीमती रश्मि सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और दिव्यांग विद्यार्थियों के आत्मबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन उत्साह और प्रेरणा से भरे वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो नेत्रहीन विद्यार्थी भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं और समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।







