श्रवण शर्मा
गंगोह (सहारनपुर)। श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ऐतिहासिक गुड़छप्पर शिव मंदिर पहुंच रही है, लेकिन मंदिर तक जाने वाला मुख्य मार्ग अपनी बदहाल स्थिति के कारण श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, उखड़ी कंक्रीट और क्षतिग्रस्त सतह के चलते न केवल श्रद्धालुओं बल्कि छात्रों, ग्रामीणों और राहगीरों को भी रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग उठाई है।
गुड़छप्पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सावन माह में यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, जबकि प्रत्येक सोमवार को हजारों शिवभक्त भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए इसी मार्ग से होकर गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की मरम्मत नहीं होने से मार्ग जर्जर हो चुका है।

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर मार्ग पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है, लेकिन सड़क की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। जगह-जगह बने गड्ढों में वर्षा का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने का खतरा बना रहता है। कई स्थानों पर सड़क की कंक्रीट परत पूरी तरह उखड़ चुकी है, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। जलाभिषेक के विशेष अवसरों पर हजारों श्रद्धालु इसी मार्ग से मंदिर पहुंचते हैं। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ सकती है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सावन माह की धार्मिक महत्ता को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। उनका कहना है कि यह मार्ग केवल मंदिर तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों और विद्यार्थियों के लिए भी प्रमुख संपर्क मार्ग है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की जूनियर इंजीनियर मीनाक्षी सिंह ने बताया कि विभाग ने सड़क की खराब स्थिति का संज्ञान ले लिया है। उन्होंने कहा कि मार्ग की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा, ताकि सावन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभाग शीघ्र कार्रवाई कर इस महत्वपूर्ण धार्मिक मार्ग को फिर से सुरक्षित और सुगम बनाएगा।









