Saharanpur News: सैक्रेड हार्ट चर्च में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया ग्रैंड पैरेंट्स डे, बुजुर्गों के सम्मान का दिया संदेश

सहारनपुर के सैक्रेड हार्ट चर्च में ग्रैंड पैरेंट्स डे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मिस्सा बलिदान, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बुजुर्गों के सम्मान के साथ परिवार, एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया।

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। महानगर के प्रसिद्ध सैक्रेड हार्ट चर्च में रविवार को ग्रैंड पैरेंट्स डे बड़े श्रद्धाभाव, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर ईसाई समुदाय के परिवारों ने अपने दादा-दादी एवं नाना-नानी का सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से परिवारों में बुजुर्गों के महत्व, उनके अनुभव और संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। साथ ही सामुदायिक एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दो विशेष मिस्सा बलिदान के साथ हुआ। पहला मिस्सा बलिदान रेव्ह. फादर प्रभाकरण ने अर्पित किया, जबकि दूसरा मिस्सा बलिदान रेव्ह. फादर जोमोन जोसेफ के नेतृत्व में संपन्न हुआ। दोनों प्रार्थना सभाओं में ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए परिवारों को दादा-दादी और नाना-नानी जैसे अनमोल वरदान देने के लिए धन्यवाद अर्पित किया गया। साथ ही सभी बुजुर्गों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।

अपने प्रेरणादायी संदेश में फादर प्रभाकरण और फादर जोमोन जोसेफ ने कहा कि परिवार की वास्तविक शक्ति उसके बुजुर्ग होते हैं। उनके अनुभव, त्याग, संस्कार और मार्गदर्शन से ही परिवार मजबूत बनता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में भी बुजुर्गों का सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और धार्मिक कर्तव्य है। नई पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने बुजुर्गों के अनुभवों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़े और उनका हर परिस्थिति में सहारा बने।

मिस्सा बलिदान के उपरांत चर्च के युवाओं ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, नृत्य और विशेष प्रस्तुतियों के माध्यम से दादा-दादी तथा नाना-नानी के प्रति सम्मान और प्रेम व्यक्त किया गया। इस दौरान सभी वरिष्ठजनों को सम्मानित कर उनके जीवनभर के योगदान की सराहना की गई। बुजुर्गों ने भी इस सम्मान को अपने जीवन का भावनात्मक और यादगार क्षण बताया।

कार्यक्रम का सफल संचालन फादर जॉन चिमन ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रैंड पैरेंट्स डे केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच प्रेम, विश्वास और संस्कारों को जोड़ने का अवसर है। ऐसे आयोजन समाज में पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं और युवाओं को अपने बुजुर्गों के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं।

कार्यक्रम में सरोज मसीह, जीनत, बेला, निर्मला पीटर, बेजिल सिलवानो, एरिक वाल्डो, शारदा मसीह, मधु, एडविना, ईवा, वेरोनिका, निशा, अनुष्का विक्टर, अनुपम फ्रांसिस, मास्टर अजय सहित बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से परिवारों में प्रेम, सम्मान, सेवा और भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

ग्रैंड पैरेंट्स डे का यह आयोजन बुजुर्गों के सम्मान, पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश देकर संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज की मजबूत नींव परिवार है और परिवार की सबसे बड़ी धरोहर उसके बुजुर्ग हैं, जिनके अनुभव और आशीर्वाद से आने वाली पीढ़ियां सही दिशा प्राप्त करती हैं।

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