शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। दीवानी न्यायालय परिसर स्थित पुराने रजिस्ट्री कंपाउंड के आपातकालीन गेट नंबर-8 को पुनः खोलने की मांग को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की न्यायमूर्ति एवं सहारनपुर की प्रशासनिक न्यायाधीश मंजू रानी चौहान को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं का कहना है कि गेट बंद होने से न केवल अधिवक्ताओं और वादकारियों को दैनिक आवागमन में कठिनाई हो रही है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।
सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल त्यागी और महासचिव पालम राणा के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान से मिला और उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपकर गेट नंबर-8 को पूर्व की भांति खोले जाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि पुराने रजिस्ट्री कंपाउंड का गेट नंबर-8 न्यायालय की स्थापना के समय से ही खुला रहता था और इसे आपातकालीन निकास द्वार के रूप में उपयोग किया जाता था। इस गेट के माध्यम से अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी और वादकारी आसानी से न्यायालय परिसर में प्रवेश और निकास करते थे। गेट पर पुलिस विभाग के दो जवानों की नियमित ड्यूटी रहती थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावी बनी रहती थी।

अधिवक्ताओं का कहना है कि किन्हीं कारणों से इस गेट को बंद कर दिया गया, जिसके बाद न्यायालय आने वाले अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और वादकारियों को अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वर्तमान में सीमित प्रवेश और निकास मार्ग होने के कारण भीड़भाड़ की स्थिति बनती है और किसी भी अप्रिय घटना, आगजनी या अन्य आपातकालीन परिस्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना कठिन हो सकता है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मिशन कंपाउंड की ओर खुलने वाला गेट नंबर-8 सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण था। यदि भविष्य में कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो अतिरिक्त निकास मार्ग उपलब्ध होना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायालय प्रशासन से जनहित और सुरक्षा के मद्देनजर इस गेट को शीघ्र पुनः संचालित करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस मांग के समर्थन में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। उनका कहना है कि यह केवल अधिवक्ताओं का नहीं, बल्कि न्यायालय में आने वाले हजारों वादकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुविधा तथा सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासनिक न्यायाधीश से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।
ज्ञापन सौंपने वालों में विवेक प्रताप सिंह, जमाल साबरी, दिनेश चौधरी, अनिल पेगवाल, संजय कुमार, उपदेश अग्रवाल, दिलीप सेठ, आमिर खान, पंकज शर्मा, विनोद कुमार, रुमन लांबा, मुकेश लांबा, अंकित शुक्ला, आरिफ कुरैशी, सर्वजीत, साकिर, राकेश त्यागी, सादिक, राव नौशाद, नफीस, फैसल राव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।









