सहारनपुर। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर में शिवभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। नगर निगम की ओर से आयोजित कांवड़ व्यवस्था शिविर के मंच से साध्वी-संतों और आचार्यों ने हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ वेद मंत्रों का उच्चारण हुआ तो पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।

कार्यक्रम में मंत्रोच्चार पं. योगेश जिज्ञासु ने कराया। पुष्पवर्षा के दौरान शिवभक्तों में विशेष उत्साह नजर आया। सड़क से गुजर रहे कांवड़ियों ने जयकारों के साथ संतों और नगर निगम के प्रतिनिधियों का अभिवादन स्वीकार किया। पुष्पवर्षा का यह आयोजन श्रद्धा, सम्मान और सेवा भावना का प्रतीक बना रहा।
महापौर ने संतों की चरणवंदना कर लिया आशीर्वाद
नगर निगम के कार्यक्रम में महापौर डॉ. अजय कुमार ने उपस्थित साधु-संतों एवं आचार्यों की चरणवंदना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सामाजिक समरसता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है। शिवभक्तों का स्वागत और सेवा करना समाज के लिए सौभाग्य की बात है।
महापौर ने कहा कि श्रावण मास का यह पर्व उस आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है, जो सदियों से भारतीय समाज को भगवान शिव की शाश्वत सत्ता, सत्य और सुंदरता का बोध कराती रही है। उन्होंने कांवड़ियों को उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए सुरक्षित एवं मंगलमय गंतव्य की कामना की।
साध्वी सुदीक्षा देवी, पं. राघवेंद्र स्वामी और पं. अरुण शांडिल्य सहित अन्य संतों एवं आचार्यों ने भी कांवड़ यात्रा के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिवभक्तों को आशीर्वाद देते हुए उनकी यात्रा के सफल और सुरक्षित होने की कामना की।
संतों और आचार्यों ने बरसाए फूल
कार्यक्रम में साध्वी देवी सुदीक्षा सरस्वती, साध्वी सौम्या सरस्वती, साध्वी सुमिक्षा सरस्वती, पं. राघवेंद्र स्वामी, पं. राजकुमार भारद्वाज, आचार्य रामप्रसाद, महंत नीलकंठ शर्मा, पं. अरुण कोडिल्य, पं. सुमित भारद्वाज, पं. योगेश जिज्ञासु, पं. राजीव वशिष्ठ, पं. दीपक अग्निहोत्री, पं. मुरारी झा, पं. शिवमदेव वशिष्ठ, पं. जितेंद्र शांडिल्य, पं. सुनील वशिष्ठ, पं. अभिषेक कृष्णात्रेय, पं. प्रगीत कौशिक, पं. तिलकराज पाराशर, पं. मोहित वत्स, पं. अनिल कोदंड, पं. प्रतीक पाराशर, पं. धीरज भारद्वाज, पं. सागर वशिष्ठ, पं. गोपाल कृष्ण, पं. बाबा गोपालदास, पं. राकेश वशिष्ठ, पं. गुलशन पाराशर, पं. ओंकार चूड़ामणि, पं. शैलेंद्र कपिल, पं. मनमोहन कौशल, पं. अंकित शर्मा, पं. राघव भारद्वाज और पं. सुनील कौशल सहित अनेक आचार्य शामिल रहे।
इस दौरान नगर निगम के महापौर डॉ. अजय कुमार के साथ पार्षदों ने भी शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा की। कांवड़ियों के स्वागत के दौरान लगातार ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे।
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कार्यक्रम के समापन अवसर पर नगर निगम की ओर से महापौर डॉ. अजय कुमार एवं पार्षदों ने उपस्थित संतों और आचार्यों को तुलसी के पौधे तथा गोमय उत्पाद उपहार स्वरूप भेंट किए। नगर निगम की ओर से आयोजित इस पहल को पर्यावरण, भारतीय परंपरा और आध्यात्मिक संस्कृति से जोड़कर देखा गया।

कार्यक्रम में अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव, नोडल अधिकारी एवं अपर नगरायुक्त मृत्युंजय, सहायक नगरायुक्त जेपी यादव, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार सहित नगर निगम के अधिकारी, पार्षद, कांवड़ संघ के अध्यक्ष संजय फुटेला, कांवड़ शिविर संचालक दिनेश सेठी और राजकुमार मक्कड़ सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। संतों की पुष्पवर्षा और शिवभक्तों के जयघोष से कार्यक्रम स्थल से लेकर कांवड़ मार्ग तक माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।








