शहरी चौपाल ब्यूरो
देवबंद/सहारनपुर। देवबंद स्थित दारुल उलूम परिसर में 11 अगस्त को गंगाजल चढ़ाने के हिंदू रक्षा दल के ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है। संगठन की ओर से दावा किया गया है कि दारुल उलूम परिसर के नीचे शिवलिंग मौजूद है। इसी दावे के आधार पर संगठन ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर देवबंद पहुंचने की घोषणा की है। मामले को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हिंदू रक्षा दल की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने शनिवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के नेतृत्व में पदाधिकारी हरिद्वार से गंगाजल लेकर देवबंद जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि संगठन ने पूर्व में दारुल उलूम परिसर में शिव मंदिर होने के अपने दावे की जांच कराने के लिए सहारनपुर प्रशासन से संपर्क किया था, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
ललित शर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के बाद संगठन ने स्वयं देवबंद जाकर दारुल उलूम परिसर में गंगाजल चढ़ाने का निर्णय लिया है। संगठन के इस ऐलान के बाद पुलिस-प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों की ओर से संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
मामले में देवबंद के क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। यदि किसी व्यक्ति की ओर से माहौल खराब करने, विवाद बढ़ाने या कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देवबंद में शांति और सौहार्द बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी आयोजन या गतिविधि के दौरान कानून का पालन अनिवार्य होगा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट सूचना, वीडियो या संदेश को साझा करने से बचें।
दारुल उलूम परिसर को लेकर हिंदू रक्षा दल की ओर से किए गए दावे के बीच पुलिस प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विवादित विषय पर कार्रवाई कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी। किसी व्यक्ति या संगठन को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं होगी।
11 अगस्त को प्रस्तावित कार्यक्रम की घोषणा के मद्देनजर देवबंद में पुलिस बल की तैनाती और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी स्थिति में सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रहे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
फिलहाल गंगाजल चढ़ाने के ऐलान को लेकर प्रशासन की नजर हिंदू रक्षा दल की गतिविधियों पर बनी हुई है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि धार्मिक भावनाओं से जुड़े किसी भी संवेदनशील मामले में कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








