शहरी चौपाल ब्यूरो
फतेहपुर/सहारनपुर। थाना फतेहपुर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने नौसरहेड़ी गांव के जंगल में चोरी से आम की लकड़ी काटकर ले जा रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने मौके से आम की लकड़ी से लदी दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी कब्जे में ली हैं। बरामद लकड़ी का वजन करीब 50 कुंतल बताया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन में अपराध की रोकथाम और अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार चेकिंग एवं गश्त की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, उपजिलाधिकारी बेहट और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में फतेहपुर थाना पुलिस तथा वन विभाग की टीम को नौसरहेड़ी के जंगल में प्रतिबंधित आम की लकड़ी काटे जाने की सूचना मिली थी।
मुखबिर की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस और वन विभाग की टीम ने जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान आम की लकड़ी काटकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भर रहे पांच लोगों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र इकबाल निवासी गंदेवड़ा थाना फतेहपुर, सोहवान पुत्र इरशाद निवासी बहेड़ा खुर्द, अरविन्द पुत्र रामपाल निवासी रामखेड़ी माजरी थाना फतेहपुर, शाहरूख पुत्र भूरा निवासी दतौली मुगल थाना फतेहपुर और अरुण पुत्र कवरपाल निवासी रामखेड़ी माजरी थाना फतेहपुर के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से महिन्द्रा 575 डीआई मॉडल के दो ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किए हैं। दोनों ट्रॉलियों में आम की लकड़ी भरी हुई थी। बरामद लकड़ी करीब 50 कुंतल बताई गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ थाना फतेहपुर में मुकदमा अपराध संख्या 314/26 के तहत उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम-1976 की धारा 4/10 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम ने जंगल में लकड़ी कटान से संबंधित अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटाई। अधिकारियों के अनुसार प्रतिबंधित वृक्षों की अवैध कटाई और उनके परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
संयुक्त कार्रवाई करने वाली टीम में थाना फतेहपुर के प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा, उपनिरीक्षक विजयपाल सिंह तथा वन विभाग के वन दरोगा कमल किशोर सक्सैना, वन दरोगा प्रेमशंकर तिवारी और वन विभाग के कर्मचारी हरिओम शामिल रहे।








