शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्रावण माह की महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे शिवभक्त कांवड़ियों के आगमन से सहारनपुर महानगर पूरी तरह भगवामय नजर आने लगा है। शहर के प्रमुख मार्गों पर जहां एक ओर कांवड़ियों के जत्थे लगातार आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके स्वागत और सेवा के लिए श्रद्धालु जगह-जगह जुटे हुए हैं। चहुंओर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष सुनाई दे रहे हैं।
जलाभिषेक की तिथि नजदीक आने के साथ ही कांवड़ यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पैदल कांवड़ यात्रियों के साथ अब डाक कांवड़ का आवागमन भी तेजी से बढ़ गया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले डाक कांवड़िए तेज गति से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। कई स्थानों पर डीजे की धुन पर कांवड़िए भक्ति में झूमते नजर आ रहे हैं। लंबी यात्रा की थकान के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी दिखाई नहीं दे रही है।
सहारनपुर के देहरादून रोड और अंबाला रोड समेत प्रमुख कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की सेवा के लिए कांवड़ शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवड़ यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल, ठहरने, सोने और विश्राम की व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर चिकित्सा शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों को प्राथमिक उपचार और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जैसे-जैसे 11 अगस्त को होने वाली महाशिवरात्रि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे महानगर में कांवड़ यात्रियों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों पर भगवा वस्त्र पहने शिवभक्त और रंग-बिरंगी आकर्षक कांवड़ों के साथ गुजरते जत्थे लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। बड़ी और सजी-धजी कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्तों को देखने के लिए स्थानीय लोग भी सड़कों के किनारे खड़े नजर आ रहे हैं।
कांवड़ियों की सेवा के लिए महानगर के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धालु भी पूरी तरह सक्रिय हैं। कहीं भोजन कराया जा रहा है तो कहीं शीतल पेयजल और फल वितरित किए जा रहे हैं। कई सेवा शिविरों में कांवड़ियों के पैर दबाने, थके यात्रियों को आराम कराने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सेवा भाव के इस माहौल ने कांवड़ यात्रा को और अधिक भक्तिमय बना दिया है।
शाम ढलते ही महानगर के प्रमुख मार्गों पर कांवड़ियों और उन्हें देखने तथा उनकी सेवा करने वाले लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। डीजे पर बज रहे शिव भजनों के बीच कांवड़िए नृत्य करते हुए आगे बढ़ते हैं। आकर्षक झांकियां भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। झांकियों और सजी हुई कांवड़ों के साथ गुजरते शिवभक्तों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे पहुंच रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी लगातार सक्रिय है। प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के साथ ही यातायात को व्यवस्थित रखने में जुटे हैं। भीड़ बढ़ने के साथ यातायात व्यवस्था पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि शिवभक्तों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। कोई पैदल यात्रा कर रहा है तो कोई डाक कांवड़ के माध्यम से निर्धारित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। सभी का लक्ष्य 11 अगस्त को भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक करना है। इसी संकल्प के साथ कांवड़िए थकान और कठिनाइयों को पीछे छोड़कर लगातार यात्रा कर रहे हैं।

कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के साथ सहारनपुर में धार्मिक उत्साह भी चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। शहर का माहौल पूरी तरह शिवभक्ति में रंगा हुआ है और सेवा, श्रद्धा तथा सुरक्षा का संगम कांवड़ यात्रा को विशेष बना रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवभक्तों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कांवड़ियों के स्वागत और सेवा के इस वातावरण से पूरा महानगर मानो भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबा नजर आ रहा है।








