गय्यूर मलिक
बेहट। कलसिया में ग्रामीणों की ओर से आयोजित कांवड़ सेवा शिविर के तीसरे दिन शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के लिए शिविर में भोजन, प्रसाद और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। शिवभक्तों की सेवा के दौरान पूरा वातावरण भगवान भोलेनाथ के जयकारों से भक्तिमय बना रहा।
शिविर के तीसरे दिन उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे अवनीश सैनी ने भगवान श्री गणेश, भगवान शिव और हनुमान जी की विशेष आरती की। इसके बाद उन्होंने कांवड़ियों की सेवा की। उन्होंने कहा कि कांवड़ सेवा शिविर लगाना पुण्य का कार्य है। शिवभक्तों की सेवा करने से मन को आत्मिक संतोष मिलता है और समाज में सेवा एवं सद्भाव की भावना मजबूत होती है।
अवनीश सैनी ने कहा कि शिविर में ग्रामीण जाति और धर्म का भेद भुलाकर निस्वार्थ भाव से शिवभक्तों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सेवा ही सच्ची सेवा है। जिस भावना से ग्रामीण दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हैं, वह सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देती है।
इस अवसर पर शिविर में शिवभक्तों के लिए खीर और हलवे का विशेष प्रसाद वितरित किया गया। कांवड़ियों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा में जुटे ग्रामीणों का आभार जताया। शिविर में मौजूद श्रद्धालु लगातार ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे लगाते रहे, जिससे आसपास का वातावरण शिवमय हो गया।
जय कुमार कश्यप और राजवीर कश्यप ने संयुक्त रूप से कहा कि शिवभक्तों की सेवा को महादेव की सेवा के समान माना जाता है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करने से मनुष्य को पुण्य की अनुभूति होती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले आठ वर्षों से कलसिया में प्रत्येक वर्ष कांवड़ सेवा शिविर लगाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिविर में गांव के लोग बारी-बारी से दिन-रात सेवा में जुटे रहते हैं। कांवड़ियों के लिए भोजन, प्रसाद, पानी और विश्राम आदि की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा मिल-जुलकर की जाती है। ग्रामीणों का उद्देश्य है कि लंबी यात्रा कर रहे शिवभक्तों को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
कांवड़ यात्रा के दौरान कलसिया में लगाए गए इस सेवा शिविर में स्थानीय ग्रामीणों के साथ क्षेत्र के गणमान्य लोग भी पहुंचे और व्यवस्थाओं में सहयोग किया। शिवभक्तों की बढ़ती संख्या के बीच सेवा कार्य लगातार जारी रहा। शिविर में श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सद्भाव का माहौल देखने को मिला।

ग्रामीणों का कहना है कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को सेवा, सहयोग और भाईचारे से जोड़ने का अवसर भी है। इसी भावना के साथ पिछले कई वर्षों से कलसिया में शिवभक्तों के लिए सेवा शिविर लगाया जा रहा है। इस वर्ष भी ग्रामीण पूरे उत्साह के साथ कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं।








